‘घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी’ बांग्लादेश हिंसा के बीच हिमंत सरकार सख्त, हाई अलर्ट पर असम
हिंसा के बीच बांग्लादेश के कुछ नेताओं ने सेवन सिस्टर्स (पूर्वोत्तर राज्य) और चिकन नेक को काटकर भारत के मुख्य हिस्सों से अलग करने की बात कही थी. अब हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्हीं को लेकर आगाह किया है.
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बांग्लादेश में जारी हिंसा की आंच भारत तक न पहुंचे इसके लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ बॉर्डर से सटे राज्य भी अलर्ट हैं. इसी कड़ी में असम भी हाई अलर्ट पर है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बांग्लादेश के हालातों और हिंदुओं पर बर्बर हमले को लेकर चिंता जताई है. हालांकि उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि असम में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई ऐसे ही जारी रहेगी.
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि बांग्लादेश के गंभीर हालातों को देखते हुए पूरे असम में हाई अलर्ट है. असम सतर्क है, असम में बांग्लादेशी घुसपैठिए बस रहे हैं और बांग्लादेश में हिंदुओं की दिनदहाड़े हत्या हो रही है. उन्होंने सख्त लहजे में कहा, प्रदेश में घुसपैठियों को बाहर निकालने का अभियान जारी रहेगा.
‘हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले चिंताजनक’
बांग्लादेश में हालात की गंभीरता को देखते हुए CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, पड़ोसी देश में हाल ही में हुई हिंसा और अशांति को देखते हुए असम को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया है. बांग्लादेश की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, क्योंकि वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार और भारत की सुरक्षा से जुड़े बयान चिंता बढ़ा रहे हैं. ‘बांग्लादेश में हालात ठीक नहीं हैं और वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें सामने आ रही हैं.’ CM सरमा ने दावा किया कि बांग्लादेश में सत्ता से जुड़े कुछ लोग पूर्वोत्तर भारत को अपने देश में शामिल करने जैसी बातें कर रहे हैं, जो बहुत गंभीर और चिंताजनक हैं.
दरअसल, हिंसा के बीच बांग्लादेश के कुछ नेताओं ने सेवन सिस्टर्स (पूर्वोत्तर राज्य) और चिकन नेक को काटकर भारत के मुख्य हिस्सों से अलग करने की बात कही थी. अब हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्हीं को लेकर आगाह किया है.
असम सतर्क है। असम में बांग्लादेशी घुसपैठिए बस रहे हैं और बांग्लादेश में हिंदुओं की दिनदहाड़े हत्या हो रही है।
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) December 22, 2025
घुसपैठियों को बाहर निकालने का अभियान जारी रहेगा! pic.twitter.com/osDkEvzp8c
असम को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत क्यों?
दरअसल, असम में पिछले कई महीनों से घुसपैठियों के खिलाफ अभियान जारी है. दूसरे देशों के अवैध प्रवासियों को उनके देश भेजा जा रहा है. इनमें ज्यादातर घुसपैठिए बांग्लादेश के हैं. अभी भी राज्य में घुसपैठियों को खदेड़ने का प्लान जारी है. बांग्लादेश से लोग असम में आए हैं. हिंसा के बीच घुसपैठ और बढ़ सकती है. ऐसे में असम को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. CM हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ अलर्ट करते हुए कहा, हमें बांग्लादेश में हो रहे हर घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखनी होगी. असम के कछार जिले में भारत–बांग्लादेश सीमा के पास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. ताकि अवैध आवाजाही को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिले.
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने आक्रामक अंदाज में कहा, भारत इस तरह की बातों पर चुप नहीं रहेगा, भारत एक बड़ा देश है, परमाणु शक्ति संपन्न है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. ऐसे में बांग्लादेश इस तरह की सोच भी कैसे सकता है.
उस्मान हादी की मौत के बाद जल रहा बांग्लादेश
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बांग्लादेश में फिर एक बार साल 2024 हिंसा जैसे हालात हैं. इस हिंसा का कारण छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या है. हादी की हत्या के बाद पूरा बांग्लादेश जल उठा. सरेआम मासूमों का कल्तेआम हो रहा है. हिंदू शख्स दीपू दास को झूठी ईशनिंदा के आरोप में जलाकर मार दिया गया. बांग्लादेश में उपजे हालात का असर भारत में न हो इसके लिए विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं.
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