Advertisement

कांपते हाथ, ध्वज को एकटक निहारते… राम मंदिर पर धर्म ध्वजारोहण के बाद भावुक हुए PM मोदी, कहा- सदियों के घाव भर गए

Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting: राम मंदिर शिखर पर ध्वज स्थापित करते समय PM मोदी भाव विभोर हो गए. उन्होंने हाथ जोड़कर सनातनी पताका को प्रणाम किया और काफी देर तक उसे निहारते रहे.

Author
25 Nov 2025
( Updated: 10 Dec 2025
07:13 PM )
कांपते हाथ, ध्वज को एकटक निहारते… राम मंदिर पर धर्म ध्वजारोहण के बाद भावुक हुए PM मोदी, कहा- सदियों के घाव भर गए

Ram Mandir Dharm Dhwajarohan: अयोध्या (Ayodhya) में फिर एक बार राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा जैसा नजारा दिखा. साधु-संतों का समागम लगा, श्रीराम की धुन के साथ हजारों लोग धर्म ध्वजारोहण के साक्षी बने. PM मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 11 बजकर 50 मिनट के अभिजीत मुहूर्त में ध्वज फहाराया. इसी के साथ केसरिया ध्वज मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर लहराने लगी. 

राम मंदिर शिखर पर ध्वज स्थापित करते समय PM मोदी भाव विभोर हो गए. उन्होंने हाथ जोड़कर सनातनी पताका को प्रणाम किया और काफी देर तक उसे निहारते रहे. इस दौरान उनके हाथ कांपने लगे. चेहरे पर भक्ति और खुशी दोनों के भाव एक साथ झलक आए. धर्म ध्वजारोहण के बाद PM मोदी ने रामभक्तों को संबोधित किया. 

‘सदियों के घाव भर गए’

राम भक्तों को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा, आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है. हर रामभक्त के हृदय में अद्वितीय संतोष, असीम कृतज्ञता, अपार अलौकिक आनंद है. सदियों के घाव भर रहे हैं. सदियों की वेदना आज विराम पा रही है. सदियों के संकल्प को सिद्धि मिली है. उस यज्ञ की पूर्णावती है, जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही. जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं. 

‘भारतीय सभ्यता का पुनर्जागरण’

PM मोदी ने इस पल को मानसिक गुलामी से आजादी का उत्सव माना. उन्होंने कहा, हम देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे. इसी मानसिकता ने वर्षों तक भगवान राम को काल्पनिक बताया. 
यह धर्म ध्वजा केवल एक ध्वजा नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है. इसका भगवा रंग, सूर्यवंश की ख्याति, वर्णित ओम शब्द और अंकित कोविदार वृक्ष, रामराज्य की कृति को दिखाता है. 

PM मोदी ने कहा, यह ध्वज सत्यमेव जयते का आह्वान करेगा. यह धर्म ध्वज उद्घोष करेगा कि सत्य में ही धर्म स्थापित है. यह 'प्राण जाय पर वचन नहीं जाए' के वचन की प्रेरणा बनेगा. यह संदेश देगा कि विश्व में कर्म और कर्तव्य की प्रधानता हो. यह प्रार्थना करेगा कि भेदभाव, पीड़ा, परेशानी से मुक्ति और समाज में शांति और सुख हो.  हम ऐसा समाज बनाएं, जहां गरीबी न हो और कोई दुखी न हो. 

दानवीरों का जताया आभार 

PM मोदी ने धर्म ध्वज का महत्व बताते हुए कहा, जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं आ पाते और दूर से ध्वज को प्रणाम करते हैं, उन्हें भी उतना ही पुण्य मिलता है. यह ध्वज दूर से ही रामलला के जन्मभूमि के दर्शन कराएगा. विश्व के करोड़ों राम भक्तों को इस क्षण की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. उन सभी भक्तों और दानवीरों का भी आभार व्यक्त करता हूं कि जिन्होंने मंदिर निर्माण में अपना सहयोग दिया. 

यह भी पढ़ें

PM मोदी ने कहा, अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं. यही वह नगरी है, जहां से श्रीराम ने अपना जीवन पथ शुरू किया. इसी अयोध्या ने संसार को बताया कि कैसे एक व्यक्ति समाज की शक्ति से उसके संस्कारों से पुरुषोत्तम बनता है. जब राम अयोध्या से गए तो युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर आए. इसमें अगिनत लोगों की भूमिका रही.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें