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SIR को लेकर अमित मालवीय का ममता पर बड़ा हमला, कहा-लोगों में भ्रम फैला रही हैं मुख्यमंत्री

अमित मालवीय ने आगे लिखा कि इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण संकेत यह है कि पश्चिम बंगाल के मतदाता अब ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के दावों पर पहले जैसा भरोसा नहीं करते.

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12 Dec 2025
( Updated: 12 Dec 2025
06:29 AM )
SIR को लेकर अमित मालवीय का ममता पर बड़ा हमला, कहा-लोगों में भ्रम फैला रही हैं मुख्यमंत्री

भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एक बार फिर गुमराह करने वाला बयान देने का आरोप लगाया है. 

अमित मालवीय का ममता पर बड़ा हमला 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में मालवीय ने दावा किया कि ममता बनर्जी ने भले ही रैलियों में दावा किया हो कि वह एसआईआर(SIR) प्रक्रिया में एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं करेंगी, लेकिन अंतिम दिन उन्होंने चुपचाप अपना फॉर्म भरकर जमा कर दिया.

ममता बनर्जी पर फिर उठे गुमराह करने के आरोप

मालवीय ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा कि 11 दिसंबर 2025 को ममता बनर्जी ने स्वयं भरा हुआ और हस्ताक्षरित एन्यूमरेशन फॉर्म निर्वाचन अधिकारियों को सौंपा ताकि वह पश्चिम बंगाल की मान्य मतदाता बनी रहें. उन्होंने आरोप लगाया कि ठीक कुछ घंटे पहले कृष्णानगर की रैली में ममता बनर्जी ने लोगों से कहा था कि वे फॉर्म जमा नहीं करेंगी, जो पूरी तरह भ्रामक दावा था.

मालवीय ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस रवैये ने पिछले कई महीनों तक राज्य में अनावश्यक भ्रम और गलतफहमियां पैदा कीं. ममता बनर्जी द्वारा बार-बार गलत जानकारी फैलाने की कोशिशों के बावजूद बंगाल के लोगों ने इस मुद्दे पर उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया.

"100 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने SIR एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करे"

मालवीय ने दावा किया कि राज्य में लगभग 100 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने एसआईआर(SIR) एन्यूमरेशन फॉर्म समय पर भरकर जमा कर दिए, जिसके चलते चुनाव आयोग को प्रक्रिया बढ़ाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ी. इससे यह पता चलता है कि पश्चिम बंगाल के मतदाता अब राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ चुके हैं.

"बंगाल के मतदाता नहीं करते अब ममता पर भरोसा"

अमित मालवीय ने आगे लिखा कि इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण संकेत यह है कि पश्चिम बंगाल के मतदाता अब ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के दावों पर पहले जैसा भरोसा नहीं करते. लोगों की बड़ी संख्या में भागीदारी और ममता के उलझाने वाले बयानों को नजरअंदाज करने से यह साफ हो गया है कि जनता अब तथ्यों के साथ खड़ी है.

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मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी का भ्रम फैलाने वाला दौर खत्म हो रहा है और तृणमूल सरकार का समय अब सीमित है. मतदाता अब बदलाव के मूड में दिख रहे हैं और यह राज्य की राजनीति में आने वाले समय में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है.

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