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गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर विधानसभा में प्रस्ताव, मुख्यमंत्री नायब सैनी का भावुक संबोधन

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब इस संकल्प पर चर्चा शुरू हुई थी, तो पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने इसे सर्वसम्मति से पारित करने की बात कही थी. इसके बाद एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने शहीदी वर्ष को भव्य तरीके से मनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए.

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19 Dec 2025
( Updated: 19 Dec 2025
05:44 AM )
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर विधानसभा में प्रस्ताव, मुख्यमंत्री नायब सैनी का भावुक संबोधन

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस के मौके पर विधानसभा में पेश किए गए प्रस्ताव पर संबोधन दिया. उन्होंने इस अवसर को एक ऐतिहासिक और सम्मानजनक दिन बताया, जब पूरे राज्य ने अपने साहसी और धर्मनिष्ठ गुरुओं की कुर्बानियों को याद किया. 

मुख्यमंत्री ने कहा, “गुरुजी ने अधर्म और अन्याय के सामने कभी भी झुकना स्वीकार नहीं किया. उनके बलिदान ने हमें धर्म, स्वतंत्रता और मानवता के लिए लड़ने की प्रेरणा दी.”

सर्वसम्मति से मनाया गया शहीदी वर्ष

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब इस संकल्प पर चर्चा शुरू हुई थी, तो पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने इसे सर्वसम्मति से पारित करने की बात कही थी. इसके बाद एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने शहीदी वर्ष को भव्य तरीके से मनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए.

उन्होंने बताया कि इस दौरान हरियाणा में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को अग्रणी भूमिका निभाने का निर्णय लिया गया था और सरकार की भूमिका सहायक रही.

राज्यभर में आयोजन, कुरुक्षेत्र में उमड़ा जनसैलाब

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान के समय देशवासियों ने जो कष्ट और यातनाएं झेलीं, उसे हमारे गुरुओं ने अपने बलिदान से दूर किया.” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य के 20 जिलों में यात्राएं आयोजित की गईं, जिनमें लाखों श्रद्धालु गुरु जी की शहादत को याद करने के लिए कुरुक्षेत्र में एकत्रित हुए.

प्रधानमंत्री की उपस्थिति को बताया सम्मान

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अयोध्या के कार्यक्रम से समय निकालकर कुरुक्षेत्र में शिरकत की थी. प्रधानमंत्री का यह कदम गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को सम्मान के रूप में देखा गया. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र भेजने का सुझाव भी दिया, जिसे विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया.

अंत में, मुख्यमंत्री ने इस विषय को महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बताया और कहा कि राज्य सरकार हमेशा गुरु साहिबान की शिक्षाओं पर चलने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर सरकार गंभीर

इसके साथ ही मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधानसभा में जानकारी दी कि सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात पर बहुत गंभीरता से विचार कर रही है. उन्होंने खुद प्रभावित इलाकों का दौरा किया और किसानों से बातचीत की.

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बाढ़ के कारण खेतों में जमा रेत हटाने के बारे में, सरकार ने टीमें तैनात की हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि अगर किसी खेत में बहुत ज्यादा रेत जमा हो गई है, तो उसे हटाने की इजाजत दी जाएगी. उन्होंने कहा, “हालांकि, यह पाया गया कि रेत का जमाव ज्यादा नहीं था.”

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