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सूरत में नए दौर की शुरुआत, महिला ड्राइवर चलाएँगी महिलाओं के लिए विशेष BRTS बसें

सूरत की पहली महिला बीआरटीएस बस ड्राइवर बनीं निशा शर्मा ने इस अवसर को अपने जीवन का महत्वपूर्ण क्षण बताया. उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देशभर में आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. मेरे परिवार ने मेरा पूरा साथ दिया है और मुझे ड्राइविंग करने में खुशी मिलती है.

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20 Nov 2025
( Updated: 11 Dec 2025
04:03 AM )
सूरत में नए दौर की शुरुआत, महिला ड्राइवर चलाएँगी महिलाओं के लिए विशेष BRTS बसें

गुजरात के सूरत शहर में महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महानगरपालिका ने बीआरटीएस बस सेवा में नई पहल की है. अब महिलाओं के लिए चलने वाली विशेष बस का संचालन महिला ड्राइवर ही करेंगी. यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तीकरण के विजन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है.

राज्य में पहली बार शुरू हुआ प्रयोग

राज्य में पहली बार सूरत में ऐसा प्रयोग शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत 12 मीटर लंबी महिलाओं के लिए निर्धारित बस की कमान महिला ड्राइवर के हाथों में होगी.सूरत महानगरपालिका के ट्रांसपोर्टेशन कमेटी के चेयरमैन सोमनाथ मराठे ने बताया कि वर्तमान में शहर में 13 बीआरटीएस रूट्स पर 450 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जिनमें से 150 बसें 12 मीटर की हैं.इनमें से तीन बसें ओएनजीसी से सरथाणा रूट पर केवल महिला यात्रियों के लिए चालू की गई हैं.

इंदौर में प्रशिक्षित निशा शर्मा बनीं सूरत की पहली महिला BRTS बस ड्राइवर

मराठे ने बताया कि इन बसों को अब तक पुरुष ड्राइवर संचालित करते थे, लेकिन लंबे समय से महिला ड्राइवरों की तलाश की जा रही थी. इंदौर से प्रशिक्षित महिला ड्राइवर के रूप में निशा शर्मा की नियुक्ति कर इस पहल को शुरू किया गया है.

उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से दुनिया को भारतीय महिला की शक्ति का परिचय कराया है.उसी दिशा में सूरत में पहल की गई है.

यह मेरे जीवन का खास पल है: निशा शर्मा

सूरत की पहली महिला बीआरटीएस बस ड्राइवर बनीं निशा शर्मा ने इस अवसर को अपने जीवन का महत्वपूर्ण क्षण बताया. उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देशभर में आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. मेरे परिवार ने मेरा पूरा साथ दिया है और मुझे ड्राइविंग करने में खुशी मिलती है.

निशा ने बताया कि वह बीआरटीएस इंदौर में चार साल तक बस ड्राइवर के रूप में काम कर चुकी हैं. सूरत में यह उनका पहला अनुभव होगा.

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उन्होंने कहा कि सूरत मेरे लिए नया शहर है, इसलिए शुरुआत में रूट समझने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन अनुभव के चलते ज्यादा चुनौती नहीं होगी. बस को गति सीमा में और सावधानीपूर्वक चलाना जरूरी रहेगा. निशा का मानना है कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की क्षमता रखती हैं, बस उन्हें स्वयं पर विश्वास करने की जरूरत है.

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