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योगी सरकार की बड़ी पहल, पुराना ट्रेन का इंजन अब बनेगा स्वाद का ठिकाना, UP में खुल रहा देश का पहला 'लोको रेस्टोरेंट'

Loco Restaurant: देश का पहला ऐसा रेस्टोरेंट प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन पर खुलने वाला है. उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की है. यह पायलट प्रोजेक्ट इसी महीने टेंडर निकालने के बाद शुरू होगा.

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17 Dec 2025
( Updated: 17 Dec 2025
04:49 AM )
योगी सरकार की बड़ी पहल, पुराना ट्रेन का इंजन अब बनेगा स्वाद का ठिकाना, UP में खुल रहा देश का पहला 'लोको रेस्टोरेंट'
Image Source: Social Media

UP First Loco Restaurant: भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए नए-नए और मजेदार तरीके सोच रहा है. अगर पहले ट्रेन के कोच रेस्टोरेंट बनते थे, तो अब बारी है ट्रेन के इंजन यानी लोकोमोटिव को रेस्टोरेंट में बदलने की. इसे “लोको रेस्टोरेंट” कहा जाएगा. देश का पहला ऐसा रेस्टोरेंट प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन पर खुलने वाला है. उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की है. यह पायलट प्रोजेक्ट इसी महीने टेंडर निकालने के बाद शुरू होगा.

रेस्टोरेंट की खासियत


यह रेस्टोरेंट पुराने लोकोमोटिव को रिसाइकल करके बनाया जाएगा. इसे स्टेशन के मुख्य एंट्री गेट के पास रखा जाएगा, ताकि यात्री और आसपास के लोग आसानी से इसे देख और इस्तेमाल कर सकें. यहां साफ-सुथरे, हाई क्वालिटी वाले स्वादिष्ट व्यंजन मिलेंगे. लोको रेस्टोरेंट में डाइन-इन की सुविधा होगी. यानी लोग आराम से बैठकर खा सकेंगे. साथ ही, ऑनलाइन ऑर्डर करके घर पर भी खाना मंगवाया जा सकेगा. पुराने इंजन की जगह को पूरी तरह से खाली कर उसे सुंदर तरीके से सजाया जाएगा. इसमें एसी, आरामदायक सीटें और थीम बेस्ड डेकोर होगा.

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स्वाद और अनुभव दोनों का मजा


लोको रेस्टोरेंट में भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ दुनिया भर के लोकप्रिय व्यंजन भी मिलेंगे. लेकिन खास ध्यान स्थानीय व्यंजनों पर दिया जाएगा, ताकि यात्री प्रयागराज का असली स्वाद ले सकें.
इसके अलावा, रेस्टोरेंट में इंजन की ऐतिहासिक जानकारी भी मिलेगी. जैसे कि इंजन का नाम, इसे कहां और कब बनाया गया था, कितने साल रेलवे में चला और कब रिटायर हुआ. इसके अलावा एक सेल्फी प्वाइंट भी होगा, जहां लोग रेस्टोरेंट के साथ अपनी यादें संजो सकेंगे.

रोजगार और पर्यावरण दोनों में योगदान


डीआरएम रजनीश अग्रवाल और सीनियर डीसीएम हरिमोहन का कहना है कि यह प्रोजेक्ट पुराने लोकोमोटिव को रिसाइकल करके पर्यावरण की रक्षा करेगा. साथ ही, नए रोजगार भी पैदा करेगा. यह यात्रियों के स्टेशन पर इंतजार को मजेदार और रोचक बना देगा.

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रेल मंत्री की सोच के अनुसार, अगर यह प्रोजेक्ट सफल हुआ तो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े स्टेशनों पर भी लोको रेस्टोरेंट खोले जा सकते हैं. यह प्रोजेक्ट “आत्मनिर्भर भारत” की सोच से प्रेरित है और पुराने इंजन और कोच का बेहतर उपयोग करके अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा

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