Advertisement

छत्तीसगढ़ में एक साथ 37 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 1 से लेकर 65 लाख तक का इनाम था घोषित, 26 जवानों की शहादत का बदला पूरा

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 37 नक्सलियों ने एक साथ सरेंडर किया है. इनमें 12 महिलाएं भी शामिल हैं. यह सभी कई मुठभेड़ में भी शामिल रहे हैं. इनमें कुछ ऐसे नक्सली हैं, जो मार्च 2020 में ग्राम मिनपा के जंगलों में हुई मुठभेड़ में शामिल रहे थे. इसमें 26 जवानों की शहादत हुई थी और 20 से ज्यादा जवान घायल हुए थे.'

छत्तीसगढ़ में एक साथ 37 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 1 से लेकर 65 लाख तक का इनाम था घोषित, 26 जवानों की शहादत का बदला पूरा

छत्तीसगढ़ के नक्सलवाद क्षेत्र दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. ITBP ने अबूझमाड़ में अपना अहम बेस बनाकर छत्तीसगढ़ के घने और मुश्किल पहुंच वाले इलाकों में स्ट्रैटेजिक विस्तार पूरा कर लिया है. खबरों के मुताबिक, रविवार को दंतेवाड़ा जिले में 37 नक्सलियों ने एक साथ सरेंडर किया है, जिन पर 1 लाख से लेकर 65 लाख रुपए तक का इनाम था, सरेंडर करने वालों में 12 महिलाएं भी शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस जिले में 20 महीनों के अंदर 508 से अधिक नक्सलियों ने अपने हथियार डाले हैं. 

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर ITBP को बड़ी सफलता

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 37 नक्सलियों ने एक साथ सरेंडर किया है. इनमें 12 महिलाएं भी शामिल हैं. यह सभी कई मुठभेड़ में भी शामिल रहे हैं. इनमें कुछ ऐसे नक्सली हैं, जो मार्च 2020 में ग्राम मिनपा के जंगलों में हुई मुठभेड़ में शामिल रहे थे. इसमें 26 जवानों की शहादत हुई थी और 20 से ज्यादा जवान घायल हुए थे. इस नक्सली हिंसा में नक्सलियों की सक्रिय भूमिका बताई जाती है. इसके अलावा सरेंडर करने वालों में कुछ नक्सली साल 2024 में ग्राम थूलथुली के मुठभेड़ों में भी शामिल रहे हैं. 

20 महीनों में 508 से अधिक नक्सलियों ने हथियार डालें

दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव राय ने बताया है कि 'नक्सलियों ने पूना मारगेम के तहत पुलिस और CRPF के अधिकारियों के सामने सरेंडर किया है. सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को 50,000 रुपए की तत्कालिक मदद दी जाएगी, इसके अलावा इनको रोजगार के लिए ट्रेनिंग, खेती की जमीन समेत अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी.' एसपी गौरव ने बताया कि 'दंतेवाड़ा जिले में बीते 30 महीनों में 500 से अधिक नक्सलियों ने हथियार डाले हैं. इनमें से 165 पर इनाम घोषित था.' 

नक्सलियों का आखिरी किला भी ध्वस्त

यह भी पढ़ें

खबरों के मुताबिक, ITBP और छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से पिछले 3 महीने के अंदर 9वां कैंप बनाया गया है. छत्तीसगढ़ के घने और मुश्किल पहुंच वाले अबूझमाड़ इलाके में लंका कंपनी ने ऑपरेटिंग बेस की स्थापना की. जिसका स्ट्रैटेजिक विस्तार भी पूरा हो गया है और इस कदम के साथ ही नक्सलियों का आखिरी बड़ा इंटरेस्ट मूवमेंट कॉरिडोर भी सील हो गया है. बताया जाता है कि यह नक्सलियों का एक मजबूत गढ़ था, लेकिन अब लंका COB की स्थापना के साथ ही इस आखिरी गढ़ को भी ध्वस्त कर दिया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बेस को ITBP की 44वीं बटालियन, छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला रिजर्व गार्ड के जवान मिलकर चलाते हैं. यह महाराष्ट्र सीमा से सिर्फ 2 से 3 किलोमीटर दूर है. 

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें