Advertisement

छत्तीसगढ़ का चमत्कारी शिवलिंग: हर साल बढ़ रहा है आकार, जानें रहस्य!

छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में बसा है महादेव का ऐसा मंदिर जिसे देख हर कोई हैरान रह जाता है. मंदिर की लोककथाएं इतनी रहस्यमयी और अद्भुत हैं कि भक्तों के लिए ये मंदिर बहुत जल्द ही आकर्षण का केंद्र बन जाता है. करीब सैकड़ों भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं. ऐसे में चलिए इस मंदिर के रहस्यों के बारे में विस्तार से जानते हैं...

Author
20 Nov 2025
( Updated: 11 Dec 2025
01:46 AM )
छत्तीसगढ़ का चमत्कारी शिवलिंग: हर साल बढ़ रहा है आकार, जानें रहस्य!

छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में बसा है महादेव का एक ऐसा मंदिर जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. यहां स्थापित शिवलिंग किसी राजा या शिल्पी की देन नहीं, बल्कि पूरी तरह प्राकृतिक रूप से बना हुआ है. यहां का शिवलिंग स्वयंभू है, जो खुद पृथ्वी से ही प्रकट हुआ. खास बात यह है कि यह शिवलिंग हर साल धीरे-धीरे बढ़ता रहता है.

कहां स्थित है भूतेश्वर महादेव मंदिर?
हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से 3 किलोमीटर दूर मरौदा गांव में स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर की. आकार में इसकी लंबाई लगभग 25 फीट और चौड़ाई 20 फीट है, जिस वजह से इसे देश का सबसे बड़ा शिवलिंग भी कहा जाता है.

भूतेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी प्रसिद्ध लोककथा!
मंदिर की खासियत सिर्फ शिवलिंग के आकार में ही नहीं, बल्कि इसके पीछे की रहस्यमयी कहानियों में भी है. लोक कथाओं के अनुसार, गांव के कुछ चरवाहे जंगल में मवेशी चराने गए थे. उन्होंने देखा कि एक चट्टान पर गायें अपने आप दूध छोड़ देती हैं. यह खबर गांव के बुजुर्गों तक पहुंची और उन्होंने वहां खुदाई की. वहां एक विशाल शिवलिंग पाया गया. तब से इस स्थान को भूतेश्वर (भूतों के ईश्वर) के नाम से जाना जाने लगा.

भूतेश्वर महादेव मंदिर में होते हैं अद्भुत चमत्कार!
सावन, महाशिवरात्रि और सोमवती अमावस्या जैसे पावन अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं. लोग मानते हैं कि रात में भी यहां से घंटियों की आवाज और 'ऊं नमः शिवाय' के मंत्र सुनाई देते हैं. छत्तीसगढ़ के घने जंगल और शांत पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक चमत्कार का भी प्रतीक है.

यह भी पढ़ें

हर साल बढ़ रहा है शिवलिंग का आकार!
वैसे तो भारत में देवाधिदेव महादेव के हजारों मंदिर हैं, जो अपनी-अपनी आध्यात्मिक मान्यता और चमत्कारों के लिए विख्यात हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के जंगलों में स्थित यह मंदिर अपने आप में बहुत खास है. इसे किसी राजा या शिल्पी ने नहीं बनवाया था, बल्कि यह खुद प्रकट हुआ था और हर साल इसका आकार बढ़ता ही जा रहा है. जब यह शिवलिंग खोजा गया था, तब महज 3 फीट का था, लेकिन अब यह लगभग 25 फीट का हो गया है.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें