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EV के लिए बड़ा बदलाव! अब सभी नए इलेक्ट्रिक वाहन होंगे AVAS सिस्टम के साथ

AVAS Vehicles: इन वाहनों में AVAS सिस्टम पैदल यात्रियों को वाहन की मौजूदगी के बारे में समय रहते सचेत करता है. इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.

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28 Nov 2025
( Updated: 10 Dec 2025
02:52 AM )
EV के लिए बड़ा बदलाव! अब सभी नए इलेक्ट्रिक वाहन होंगे AVAS सिस्टम के साथ
Image Source: Social Media

EVs Vehicles: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की संख्या तेजी से बढ़ रही है. लेकिन इनकी खासियत कि ये बहुत शांत चलते हैं, सड़क सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बन गई है. खासकर पैदल चलने वाले लोग, साइकिल सवार और दोपहिया वाहन चालक कभी-कभी इनके आने का अंदाजा नहीं लगा पाते. इसी वजह से कम गति पर होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. इसे देखते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक नया नियम जारी किया है. 

1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा नया नियम


नए नियम के मुताबिक 1 अक्टूबर 2026 से लॉन्च होने वाले सभी नए इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल्स में AVAS यानी Acoustic Vehicle Alert System लगाना जरूरी होगा. जो इलेक्ट्रिक पैसेंजर और कमर्शियल वाहन पहले से सड़क पर चल रहे हैं, उन्हें 1 अक्टूबर 2027 तक AVAS सिस्टम के साथ अपडेट करना होगा. 

AVAS सिस्टम क्यों जरूरी है?


AVAS सिस्टम का काम है वाहन के आने की आवाज पैदा करना, ताकि आसपास के लोग समय पर सचेत हो सकें. इलेक्ट्रिक कारें पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में बहुत शांत चलती हैं, खासकर कम स्पीड पर. AVAS सिस्टम वाहन के 20 किमी/घंटा से कम स्पीड पर या रिवर्स गियर में चलने पर आवाज उत्पन्न करता है. जैसे ही वाहन तेज चलता है, यह आवाज अपने आप बंद हो जाती है. इससे पैदल चलने वालों और आसपास के लोगों के लिए सुरक्षा बढ़ती है. 

कौन से वाहन AVAS से जुड़े रहेंगे?


सरकार ने इस नियम को M और N कैटेगरी के इलेक्ट्रिक वाहनों पर लागू किया है. M कैटेगरी में इलेक्ट्रिक कारें, वैन, बस और अन्य पैसेंजर वाहन आते हैं. N कैटेगरी में इलेक्ट्रिक ट्रक और माल ढोने वाले वाहन आते हैं. इसका मतलब है कि आने वाले समय में सभी छोटी-बड़ी इलेक्ट्रिक SUVs, कारें और कमर्शियल EVs में AVAS सिस्टम मानक बन जाएगा. फिलहाल इलेक्ट्रिक स्कूटर, ई-रिक्शा और थ्री-व्हीलर इस नियम से बाहर हैं.

अंतरराष्ट्रीय अनुभव और महत्व


अमेरिका, जापान और यूरोप जैसे देशों में AVAS पहले से अनिवार्य किया जा चुका है. अमेरिकन ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की रिपोर्ट बताती है कि इलेक्ट्रिक वाहन पैदल यात्रियों के लिए पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में 20% ज्यादा जोखिम पैदा करते हैं. खासकर कम स्पीड पर यह खतरा 50% तक बढ़ जाता है. भारत का यह कदम भी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप है. 

भारत में पहले से AVAS वाले वाहन


कुछ नई इलेक्ट्रिक कारें भारत में पहले ही AVAS तकनीक के साथ लॉन्च हो चुकी हैं. इनमें MG Comet, Tata Curvv EV, Hyundai Creta Electric, Mahindra XEV 9e और Mahindra 6शामिल हैं. इन वाहनों में AVAS सिस्टम पैदल यात्रियों को वाहन की मौजूदगी के बारे में समय रहते सचेत करता है. इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.

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