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इजरायल ने ईरान पर किया बड़ा साइबर अटैक, एक झटके में गायब कर दिए 781 करोड़, कैसे दिया हमले को अंजाम? जानें

इजरायल के एक हैकर समूह ने ईरान के क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर बड़ा हमला बोला है. इन हैकरों ने कुल नौ करोड़ डॉलर यानी 781 करोड़ रुपए उड़ा दिए है. यह दावा ब्लॉकचेन विश्लेषक फर्म की तरफ से किया गया है. फर्म ने कहा है कि संभावित रूप से इजराइल से संबंधित हैकर ने ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ‘नोबिटेक्स’ से नौ करोड़ डॉलर से अधिक की रकम उड़ा ली है.

इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. दोनों देशों में से कोई भी इस युद्ध से पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा. हालात ऐसे बन गए हैं कि अमेरिका और रूस जैसे देश भी इस युद्ध में छलांग लगा चुके हैं. एक तरफ इजरायल ईरान पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा, तो दूसरी तरफ इजरायली हैकर्स ईरान की कई प्रमुख चीजों को हैक कर उस पर साइबर अटैक कर रहे हैं. सबसे पहले एक टीवी चैनल को हैक किया गया, जहां ईरानी महिलाओं के बाल झाड़ने का वीडियो प्रसारित हुआ. उसके कुछ ही घंटे बाद इजरायली हैकर्स ने ईरान को ऐसा झटका दिया, जिसे सुनकर पूरी दुनिया सन्न रह गई. बता दें कि इजरायल ने ईरान के करीब 781 करोड़ रुपए चंद मिनटों में गायब कर दिए.

इजरायली हैकर ने ईरान के 781 करोड़ रुपए उड़ा दिए

बता दें कि इजरायल के हैकर समूह ने ईरान के क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर बड़ा हमला बोला है. इन हैकरों ने कुल नौ करोड़ डॉलर यानी 781 करोड़ रुपए गायब कर दिए है. यह दावा ब्लॉकचेन विश्लेषक फर्म की तरफ से किया गया है. इस फर्म ने कहा है कि संभावित रूप से इजराइल से संबंधित हैकर ने ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ‘नोबिटेक्स’ से नौ करोड़ डॉलर से अधिक की रकम उड़ा ली है. इस उड़ाई गई रकम को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की आलोचना करने वाले संदेशों से जुड़े पतों पर भेज दिया गया.

हैकर समूह ने टेलीग्राम पर लिखा मैसेज 

ईरान के क्रिप्टोकरेंसी नोबिटेक्स पर हुए साइबर अटैक की जिम्मेदारी एक इजरायली हैकर समूह ने ली है. इस समूह ने नोबिटेक्स के पूर्ण स्रोत कोड को उजागर करते हुए अपने टेलीग्राम खाते पर लिखा कि 'नोबिटेक्स में छोड़ी गई संपत्ति अब पूरी तरह से सार्वजनिक हो गई है. ईरान और इजराइल के बीच पिछले हफ्ते से छिड़े सैन्य संघर्ष के बीच यह साइबर हमला हुआ है.' 

आखिर क्यों हुआ यह हमला? 

एक दावे में कहा गया है कि यह साइबर हमला संभवतः वित्तीय रूप से प्रेरित न होकर ईरान को एक राजनीतिक संदेश भेजने की कोशिश थी. क्योंकि हैकर्स ने जिन खातों में पैसे भेजे थे, उन्होंने नोबिटेक्स को एक राजनीतिक संदेश भेजने के लिए इस क्रिप्टोकरेंसी को चलन से ही पूरी तरह हटा दिया. 

हैकरो के समूह ने X पर किया बड़ा दावा 

बता दें कि जिस हैकर समूह द्वारा यह पैसे उड़ाए गए हैं. उसका नाम ‘गोंजेशके दरांडे’ है. इस समूह ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में ईरान सरकार पर आरोप लगाया है कि नोबिटेक्स पर पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने और आतंकवादियों को धन भेजने में ईरान सरकार मदद कर रही थी.  

ऐप और वेबसाइट हुए ठप 

हैकर समूह में एक और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि नोबिटेक्स के ऐप एवं वेबसाइट दोनों काम नहीं कर रहे हैं. वहीं चेनालिसिस फर्म में राष्ट्रीय सुरक्षा खुफिया प्रमुख एंड्रयू फिरमैन ने कहा कि नोबिटेक्स एक्सचेंज पर मौजूद बिटकॉइन, एथेरियम, डॉगकॉइन और कई अन्य क्रिप्टोकरेंसी इस साइबर हमले की चपेट में आई है.

ईरान की क्रिप्टोकरेंसी बाजार को देखते हुए यह बड़ा हमला 

उन्होंने यह भी कहा है कि यह उल्लंघन ईरान के क्रिप्टोकरेंसी बाजार की तुलना के रूप में छोटे आकार को देखते हुए काफी अहम है. इसके अलावा एक दावे में यह भी कहा गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के रिश्तेदार भी इस क्रिप्टो एक्सचेंज से जुड़े थे. इसके अलावा प्रतिबंधित रिवोल्यूशनरी गार्ड के लोगों ने भी नोबिटेक्स का इस्तेमाल किया था.

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