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'जिनके घर खुद शीशे के होते हैं, वे...', लालू के ट्वीट पर युवा सांसद शांभवी चौधरी की नसीहत

बिहार की राजनीति में लालू यादव के पोस्ट ने तहलका मचा दिया. उन्होंने अपने X हैंडल पर ट्वीट करते हुए बिहार में 65 हजार हत्याओं का जिक्र करते हुए नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर बड़ा हमला बोला. जिसपर अब LJP(R) की सांसद शांभवी चौधरी ने RJD को नसीहत देते हुए कहा कि जिनके घर खुद शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते.

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने को लेकर लोजपा (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने राजद नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि जिनके घर खुद शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते.
लोजपा (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि बिहार आज बदल रहा है. जिस तरह से लालू यादव के राज में संगठित अपराध होते थे, जिससे कई लोग बिहार छोड़कर चले गए थे. उस समय अपराधियों को संरक्षण सरकार देती थी. आज ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है. आज अगर अपराध होता है, तो उस पर कार्रवाई होती है. कहीं आज संगठित अपराध नहीं होते. आज अगर क्राइम होता है, तो कड़ी कार्रवाई होती है, यह सरकार का फैसला है. पीड़ित परिवार को प्रशासन न्याय भी देती है और इंसाफ भी देती है.

‘नए बिहार की वे तुलना भी न करें’
सांसद शांभवी चौधरी ने दावा करते हुए कहा कि अब वह बिहार नहीं है. इस नए बिहार की उस समय के बिहार से वे तुलना भी न करें. पहले तो लालू यादव को जवाब देना चाहिए कि पहले जब आपराधिक घटनाएं होती थीं, तो उन अपराधियों को संरक्षण वे लोग क्यों देते थे?
इधर, लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश में आकर अगर कोई बड़े नेता चुनाव लड़ते हैं, तो संगठन को मजबूती मिलती है. हर पार्टी अपनी तैयारी करती है. अगर वे चुनाव लड़ेंगे, तो विकसित बिहार के लिए चुनाव लड़ेंगे. हम लोग ने अपनी पूरी तैयारी रखी है कि ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ें और 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट से जीते दर्ज करें.

उन्होंने साफ कहा कि अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी कहा है कि बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे या नहीं, यह पार्टी का संसदीय बोर्ड तय करेगा. वैसे, उनका जो भी फैसला होगा, हम लोग साथ हैं. हम लोग एनडीए को मजबूत और सरकार बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं. गठबंधन में हर पार्टी की इच्छा होती है कि उसे अधिक सीट मिले, लेकिन इसका फैसला तो राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही लेना होता है.

लालू यादव ने किया था पोस्ट
दरअसल, लालू प्रसाद यादव ने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आंकड़ो के साथ उन्होंने लिखा- नीतीश बतावें कि शाम पाँच बजे से पहले घर में घुसकर ही कितनी हत्याएं हो रही है? क्या नीतीश जानते, पहचानते व समझते है कि उनके शासनकाल में आधिकारिक आँकड़ों में 65,000 हत्याएं हुई है? 65,000 लोगों की हत्याएं हुई है 65,000! नीतीश-बीजेपी ने विधि व्यवस्था का दम ही नहीं निकाला बल्कि उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया है. बिहार में इतनी भ्रष्ट, लापरवाह और कामचोर पुलिस कभी भी, कभी भी नहीं रही.

लालू प्रसाद के इसी ट्वीट ने बिहार की राजनीति गरमा दी है. क्योंकि आपको पता है कि लालू यादव के शासनकाल को उनके विरोधी जंगलराज कहा करते हैं. वहीं, नीतीश को सुशासन बाबू के नाम से पुकारा जाता है. वहीं, तेजस्वी यादव भी हमेशा नीतीश को घेरते रहते हैं और कहते हैं कि नीतीश अब टायर्ड और रिटायर्ड दोनों ही हो चुके हैं. आने वाले कुछ दिनों में बिहार में चुनाव है. अब देखना नीतीश कुमार इन मुद्दों पर खुद को कैसे बचाते हैं.

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