Advertisement
555वें प्रकाश पर्व के अवसर पर यूपी की राजधानी में विशेष कार्यक्रमों का किया गया आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यही परंपरा आगे चलकर भक्ति से शक्ति के तेज पुंज के रूप में बदल गई और गुरु गोविंद सिंह महाराज के नेतृत्व में इसे नए आयाम मिले। गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चार साहिबजादों के बलिदान की गाथा से हर भारतवासी गौरवान्वित महसूस करता है। इस पावन अवसर पर उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षा का स्मरण करते हुए समाज में शांति, सद्भाव और एकता का संदेश दिया।
गुरु नानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व के अवसर पर शुक्रवार को यूपी की राजधानी के खालसा चौक, आलमबाग एवं गुरुद्वारा पटेल नगर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुरुनानक देव जी ने एक ओर बाबर के हमले का जमकर विरोध किया, वहीं दूसरी ओर हमें ईश्वर की आराधना के प्रति निरंतर प्रेरित किया और सन्मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले मुख्यमंत्री आवास पर 550वें प्रकाश पर्व पर कार्यक्रम का आयोजन कर मुख्यमंत्री आवास धन्य हो गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यही परंपरा आगे चलकर भक्ति से शक्ति के तेज पुंज के रूप में बदल गई और गुरु गोविंद सिंह महाराज के नेतृत्व में इसे नए आयाम मिले। गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चार साहिबजादों के बलिदान की गाथा से हर भारतवासी गौरवान्वित महसूस करता है। इस पावन अवसर पर उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षा का स्मरण करते हुए समाज में शांति, सद्भाव और एकता का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि ये महान परंपराएं समाज और राष्ट्र को अपनी विरासत से जोड़ने और प्रेरणा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि अपनी विरासत और आदर्शों से प्रेरणा लेने वाला समाज ही सशक्त होता है और गुलामी से दूर रहता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी के उच्च आदर्शों से प्रेरित होकर समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने जीवन भर सभी जाति, धर्म और संप्रदाय के बीच समानता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं हमें सदैव प्रेम और करुणा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने सिख समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके योगदान के बिना समाज की प्रगति अधूरी है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के साथ कीर्तन में भाग लिया और गुरु नानक देव जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
Input: IANS
Advertisement
यह भी पढ़ें
Advertisement