PM नरेंद्र मोदी ने झाँसी अग्निकांड पर शोक प्रकट करते हुए 'पीएमएनआरएफ' से अनुग्रह राशि देने का किया ऐलान

उत्तर प्रदेश की झांसी में 'महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज' में शुक्रवार को एनआईसीयू वार्ड में आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। वहीं, करीब 47 नवजात शिशुओं को बचा लिया गया। इस घटना के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं ने दुख प्रकट किया।

Jhansi Medical College Fire: उत्तर प्रदेश के झांसी के मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू (NICU) में आग लगने के कारण नवजात शिशुओं की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक प्रकट किया है और पीड़ित परिवार को 'प्रधान मंत्री राष्ट्रीय राहत कोष' से अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। 

प्रधानमंत्री कार्यालय के ऑफिशियल 'एक्स' हैंडल से घटना को लेकर ट्वीट किया गया। पोस्ट में लिखा, हृदयविदारक! उत्तर प्रदेश में झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। इसमें उन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव के हर संभव प्रयास में जुटा है।

इसके अलावा पीएमओ ने अन्य पोस्ट में घटना के पीड़ित परिवारों को अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया गया है। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने की घटना में प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।"

बता दें कि उत्तर प्रदेश की झांसी में 'महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज' में शुक्रवार को एनआईसीयू वार्ड में आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। वहीं, करीब 47 नवजात शिशुओं को बचा लिया गया। इस  घटना के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं ने दुख प्रकट किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी झांसी की घटना को हृदय विदारक बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शोक संतप्त माता-पिता और परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल हुए शिशुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

हादसे को लेकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सचिन माहौर ने बताया कि एनआईसीयू वार्ड में 54 बच्चे भर्ती थे। अचानक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के अंदर आग लग गई। आग बुझाने के प्रयास किए गए लेकिन  कमरा अत्यधिक ऑक्सीजन युक्त होने के कारण आग तेजी से फैल गई। कई बच्चों को बचा लिया गया। 10 बच्चों की मौत हो गई। घायल बच्चों का इलाज चल रहा है।

Input: IANS

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