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दिल्ली चुनाव के बीच LG और AAP में शुरू हुई जुबानी जंग

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही थी कि केजरीवाल झूठ बोलना बंद करें नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। एलजी के बयान सामने आने के बाद फिर से आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब एक महीने से भी काम का समय बचा है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने अपने प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। इस चुनाव में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही हालांकि, कांग्रेस पार्टी भी दावा कर रही है कि इस बार उसका प्रदर्शन बेहतर होने वाला है। इन सब से इतर प्रचार अभियान के दौरान नेताओं के कई ऐसे बयान सामने आ रहे हैं। जिस पर  वार-पलटवार का सिलसिला देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में अब एलजी की एंट्री ने सियासी माहौल को और भी ज़्यादा गरमा दिया है। दरअसल, रविवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल शकूर बस्ती की झुग्गियों में गए और उपराज्यपाल वी के सक्सेना पर बस्ती की जमीन का लैंड यूज बदलने का आरोप लगाया था। केजरीवाल की इस बयान पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही थी कि केजरीवाल झूठ बोलना बंद करें नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। एलजी के बयान सामने आने के बाद फिर से आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है। 


एलजी क़ानून व्यवस्था पर दें ध्यान 

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के लोग को दिल्ली में कानून व्यवस्था पर ध्यान देने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही आरोप लगाया है कि "राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है" एलजी वीके सक्सेना के बयान पर पलटवार करते हुए पार्टी की तरफ से दावा किया गया है कि शहर के 99.7% निवासियों के पास पाइप से जलापूर्ति की सुविधा है। दिल्ली सरकार ने एलजी के सक्सेना से क्षुद्र राजनीति बंद करने को कहा है। इसके आगे पार्टी ने कहा कि पूरे देश में सबसे कम महंगाई दिल्ली में, प्रति व्यक्ति आय अधिक, मुफ्त बिजली पानी की सुविधा के साथ जनता की ज़रूरतें पूरी की गई है।


एलजी ने केजरीवाल पर दिया था बयान

केजरीवाल पर पलटवार करते हुए एलजी वीके सक्सेना ने कहा था कि मुख्यमंत्री का सकुर बस्ती की झुग्गियों के बारे में दिया गया बयान पूरी तरह से गलत और झूठा है। वी के सक्सेना ने केजरीवाल को नसीहत देते हुए यह भी कहा था कि वह इस मुद्दे पर झूठ बोलना तुरंत बंद करें, नहीं तो डीडीए उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। 


ग़ौरतलब है कि दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव के तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच तक बयान बाजी लगातार बढ़ती जा रही है दिल्ली की सभी 70 सीटों पर 5 फरवरी को एक चरण में मतदान होगा जबकि चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को सामने आएंगे। 

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