अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का बचाव किया और भारत पर निशाना साधते हुए कहा था कि रूस से तेल खरीदकर वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को भड़का रहा है. लेकिन अमेरिकी एक्सपर्ट ने ही नवारो को बेलगाम तोप बताते हुए भारत का समर्थन किया है.
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दुनिया31 Aug, 202505:08 PMएडवाइजर नहीं बेलगाम तोप है पीटर नवारो, भारत की आलोचना करने पर अमेरिकी एक्सपर्ट ने सुनाई खरी-खरी
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दुनिया31 Aug, 202510:38 AMरूस को मदद का आरोप बेबुनियाद... भारत ने अमेरिका को जमकर सुनाया, कहा- बलि का बकरा बनाने से नहीं आएगी शांति
ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि भारत रूसी तेल खरीदकर मॉस्को को यूक्रेन युद्ध में अप्रत्यक्ष मदद दे रहा है. हालांकि, भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि बलि का बकरा बनाकर शांति नहीं लाई जा सकती.
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दुनिया29 Aug, 202510:00 PM'तुम्हारे पास आईना है...?' ट्रंप के सलाहकार ने दिखाई हिंदू विरोधी सोच, शेयर की PM मोदी की भगवा वस्त्र वाली तस्वीर, लोगों ने की डिजिटल धुलाई
ऐसा लगता है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो भारत, पीएम मोदी और सनातन धर्म से अपनी व्यक्तिगत खुन्नस निकाल रहे हैं, इसलिए वो ट्रंप को भी वैसी ही सलाह दे रहे हैं. उन्होंने पीएम मोदी की भगवा वाली एक ऐसी तस्वीर शेयर की है जिससे ये जगजाहिर हो गया है. हालांकि भारत के लोगों ने नेवारो की जमकर धुलाई कर दी है.
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दुनिया28 Aug, 202504:09 PMइसकी टोपी उसके सर... अमेरिका के सामने नहीं झुका भारत तो बौखला गया ट्रंप का करीबी, मढ़ दिया यूक्रेन की बर्बादी का दोष
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है और ये अब लागू भी हो चुका है. लेकिन ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवार्रो अब भी भारत पर बेतुका बयान दे रहे हैं. उन्होंने रूस-यूक्रेन संघर्ष को 'मोदी का युद्ध' करार देते हुए कहा कि भारत का रूस से तेल खरीदना मॉस्को की युद्ध मशीनरी को फंड करना है.
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न्यूज22 Aug, 202507:07 PM'यूक्रेन में शांति का रास्ता दिल्ली से...', टैरिफ की आग में खुद झुलसे ट्रंप तो बदल गए व्हाइट हाउस के सुर, कहा- हमें भारत से प्यार है, मोदी ग्रेट लीडर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए सब कुछ सही नहीं चल रहा है. मिड टर्म चुनाव से पहले हाथ पैर मार रहे ट्रंप को हर मोर्चे पर मात खानी पड़ रही है. उन्होंने नोबल पीस प्राइस पाने के उद्देश्य से न सिर्फ भारत-पाकिस्ताम सैन्य तनाव की मध्यस्थता का एकतरफा दावा किया, बल्कि भारत के इनकार के बाद भी इस तरह की बात वो लगातार करते रहे. इसी सिलसिले में उन्होने रूस पर दबाव बढ़ाने को लेकर नई दिल्ली पर टैरिफ लगा दिए, जुर्माने ठोके लेकिन हिंदुस्तान टस से मस नहीं हुआ...आज स्थिति ये है कि अमेरिकी राष्ट्रपति पूरी तरह फ्रस्टेट हो गए हैं, उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा है कि वो अपने फैसलों को जस्टिफाई कैसे करें, लिए गए एक्शन को रिवर्स कैसे करें. इसी का नतीजा है कि ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को रूकवाने से हाथ पीछे खींच लिया है और अब उन्हीं के सलाहकार कह रहे हैं कि यूक्रेन में शांति का रास्ता नई दिल्ली से जाता है.
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