Advertisement

जहां Fastag पास नहीं चलेगा, वहां ऐसे कटेगा टोल, जानिए नया सिस्टम

फास्टैग सालाना पास का उद्देश्य यात्रियों को तेजी, सुविधा और बचत तीनों एक साथ देना है. यह न सिर्फ नेशनल हाईवे के सफर को सहज बनाता है, बल्कि टोल पर रुकने की झंझट से भी छुटकारा दिलाता है. हालांकि, यह जरूरी है कि आप फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें, ताकि स्टेट टोल प्लाजा पर भी आप बिना किसी रुकावट के सफर कर सकें.

जहां Fastag पास नहीं चलेगा, वहां ऐसे कटेगा टोल, जानिए नया सिस्टम
Image Credit: FASTag

FASTag Annual Pass: भारत में नेशनल हाईवे पर सफर करना अब और भी किफायती और आसान हो गया है. टोल टैक्स चुकाने के लिए फास्टैग सिस्टम पहले ही शुरू हो चुका है, जिससे गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ता और डिजिटल तरीके से टोल शुल्क कट जाता है. अब इसी सिस्टम को और सुविधाजनक बनाते हुए सरकार ने फास्टैग सालाना पास की शुरुआत की है, जिसकी सुविधा 15 अगस्त से चालू हो चुकी है. लेकिन लोगों के बीच अभी भी इसे लेकर कुछ भ्रम बना हुआ है. खासकर ये सवाल सबके मन में है कि अगर कोई टोल प्लाजा इस पास को स्वीकार नहीं करता, तो वहां भुगतान कैसे होगा? आइए हम आपको विस्तार से और शान के साथ बताते हैं इस नई सुविधा के बारे में....

फास्टैग सालाना पास बनवाने की प्रक्रिया

इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है. न कोई लंबी लाइन, न किसी एजेंट की जरूरत. आप NHAI की आधिकारिक वेबसाइट या फिर राजमार्ग यात्रा मोबाइल ऐप का उपयोग करके इस पास को बड़ी आसानी से ऑनलाइन एक्टिवेट कर सकते हैं. इसके लिए पहले अपने फास्टैग की वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी, और फिर ₹3000 का भुगतान करना होगा. पेमेंट के दो घंटे के भीतर यह पास एक्टिवेट हो जाएगा. सबसे खास बात ये है कि इसके लिए कोई नया फास्टैग लेने की आवश्यकता नहीं है, यह आपके मौजूदा फास्टैग में ही एक्टिवेट हो जाता है.

 कहां नहीं चलेगा फास्टैग पास?

अब बात करते हैं उस सवाल की जो सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है, अगर पास किसी टोल पर काम न करे, तो भुगतान कैसे करें? तो इसका जवाब साफ है, यह सालाना फास्टैग पास केवल नेशनल हाईवे (NH) और नेशनल एक्सप्रेसवे (NE) पर मान्य होगा. स्टेट हाईवे या राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले स्टेट एक्सप्रेसवे पर यह पास काम नहीं करेगा. ऐसे में जब आप उन सड़कों से गुजरेंगे जहां यह पास मान्य नहीं है, तो आपके फास्टैग में जो सामान्य बैलेंस होता है, वहीं से टोल शुल्क कटेगा. यानी आपको अपने फास्टैग में पास एक्टिवेट करने के अलावा थोड़ा अतिरिक्त बैलेंस भी रखना होगा ताकि ऐसे स्थानों पर भुगतान किया जा सके. लेकिन ध्यान रहे,  इसके लिए आपको कोई अलग फास्टैग खरीदने की जरूरत नहीं है. एक ही फास्टैग से दोनों तरह की सुविधा मिल जाएगी.

कितनी ट्रिप तक मिलेगा लाभ?

फास्टैग सालाना पास लेने वालों को इसका सीधा लाभ उनकी यात्रा पर मिलने वाला है. एक बार पास एक्टिवेट हो जाने के बाद यह 200 ट्रिप या एक साल तक वैध रहेगा, इनमें से जो पहले पूरा हो जाए. यानी आप चाहे तो रोज़ सफर करें, या महीने में कुछ बार - यह पास आपकी जरूरत के हिसाब से फायदेमंद रहेगा.

अगर आप एक टोल प्लाजा पार करते हैं, तो वह एक ट्रिप मानी जाएगी.
यदि आप उसी रास्ते से वापस आते हैं, तो वह दो ट्रिप गिनी जाएगी (राउंड ट्रिप).

यह सुविधा खासतौर से उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो नियमित रूप से एक ही रूट पर ट्रैवल करते हैं, जैसे ऑफिस आने-जाने वाले, ट्रक ड्राइवर्स या टूरिज्म से जुड़े व्यवसायी. इससे सालाना 5 से 7 हजार रुपये तक की बचत संभव है, जो लंबी अवधि में बड़ा लाभ बन सकता है.

स्मार्ट यात्रा के लिए स्मार्ट समाधान

यह भी पढ़ें

फास्टैग सालाना पास का उद्देश्य यात्रियों को तेजी, सुविधा और बचत तीनों एक साथ देना है. यह न सिर्फ नेशनल हाईवे के सफर को सहज बनाता है, बल्कि टोल पर रुकने की झंझट से भी छुटकारा दिलाता है. हालांकि, यह जरूरी है कि आप फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें, ताकि स्टेट टोल प्लाजा पर भी आप बिना किसी रुकावट के सफर कर सकें.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें