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पाकिस्तान हमलों में घर को हुआ नुकसान? जानिए कब और कैसे मिलता है मुआवजा

इस जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाकर तबाह कर दिया. इसके बाद से पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ है.

पाकिस्तान हमलों में घर को हुआ नुकसान? जानिए कब और कैसे मिलता है मुआवजा
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India Pakistan War Compensation: भारत ने 7 मई को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान की ओर से किए गए हमले का करारा जवाब 8 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के ज़रिए दिया. इस जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाकर तबाह कर दिया. इसके बाद से पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ है. उसने भारत के कई सीमावर्ती इलाकों में भारी गोलीबारी के साथ-साथ ड्रोन हमले भी किए, जिन्हें भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया.

इन हमलों के बीच एक बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि अगर किसी नागरिक के घर या संपत्ति को मिसाइल या ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचता है, तो क्या उन्हें कोई मुआवजा दिया जाता है? और अगर हां, तो मुआवजा पाने की प्रक्रिया क्या होती है? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं.

मिसाइल या ड्रोन हमले में घर तबाह हो जाए तो कैसे मिलेगा मुआवजा?

फिलहाल, इस तरह की स्थितियों में मुआवजे को लेकर कोई सार्वजनिक रूप से घोषित राष्ट्रीय नीति नहीं है, लेकिन आमतौर पर सरकार राज्य स्तर या केंद्र की विशेष राहत नीति के अंतर्गत मुआवजा देती है. यदि किसी नागरिक के घर, दुकान या संपत्ति को पाकिस्तान की गोलीबारी, मिसाइल या ड्रोन हमले से नुकसान होता है, तो पीड़ित परिवार स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर सकता है.

प्रशासन कैसे करता है नुकसान का मूल्यांकन?

जब किसी इलाके में मिसाइल या ड्रोन हमला होता है, तो तहसील स्तर पर प्रशासनिक अधिकारी या राजस्व विभाग की टीम मौके पर जाकर नुकसान का सर्वे और मूल्यांकन करती है. इसमें देखा जाता है कि किस प्रकार की संपत्ति को कितना नुकसान हुआ है – जैसे कि:

1. घर पूरी तरह गिर गया या आंशिक नुकसान हुआ

2. फसलें जलीं या खराब हो गईं

3. मवेशियों की मौत हुई

4. दुकान या अन्य चल संपत्ति को नुकसान हुआ

5. इन सबका आंकलन करके रिपोर्ट तैयार की जाती है और फिर राज्य सरकार या केंद्र सरकार की ओर से जारी किसी राहत पैकेज के अनुसार मुआवजा राशि दी जाती है.

मुआवजा पाने के लिए क्या करना होगा?

1. सबसे पहले आपको अपने स्थानीय ब्लॉक, तहसील या जिला कार्यालय में जाकर एक आवेदन पत्र देना होगा.

2. आवेदन में आपको अपनी पहचान संबंधी दस्तावेज़ (आधार कार्ड, राशन कार्ड), घटना की जानकारी, और यदि संभव हो तो तस्वीरें या चश्मदीदों का बयान देना होगा.

3. प्रशासन आपकी शिकायत की जांच करेगा और रिपोर्ट बनाकर संबंधित विभाग को भेजेगा.

4, इसके बाद राज्य या केंद्र सरकार की नीति के अनुसार मुआवजा राशि आपके खाते में ट्रांसफर की जा सकती है,

विशेष राहत पैकेज भी हो सकता है जारी

कई बार जब हमला बड़े स्तर पर होता है और सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापक नुकसान होता है, तो सरकार विशेष राहत पैकेज की घोषणा करती है. जैसे कि बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत पहले भी बंकर निर्माण, अनाज आपूर्ति, अस्थायी अस्पताल और स्कूल जैसी सुविधाएं दी गई हैं. इसी तरह, मुआवजे की राशि भी केंद्र या राज्य सरकारें मिलकर तय कर सकती हैं.

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भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता भी उतनी ही जरूरी है जितना कि सैन्य कार्रवाई. यदि किसी आम व्यक्ति के घर या संपत्ति को युद्ध जैसी स्थिति में नुकसान होता है, तो सरकार उसकी मदद के लिए आगे आती है. हालांकि प्रक्रिया में समय लग सकता है, लेकिन अगर सही तरीके से आवेदन और दस्तावेज जमा किए जाएं, तो पीड़ितों को राहत जरूर मिलती है.

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