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टोल टैक्स का बकाया चुकाए बिना अब नहीं बेच पाएंगे गाड़ी, सरकार ने लागू किया सख्त नियम

अगर आप अपनी गाड़ी बेचने की योजना बना रहे हैं या किसी और के नाम ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने फास्टैग अकाउंट की स्थिति जांचें.यदि कोई भुगतान लंबित है, तो उसे तुरंत निपटा लें, ताकि आगे दस्तावेज़ी प्रक्रिया में कोई अड़चन न आए

टोल टैक्स का बकाया चुकाए बिना अब नहीं बेच पाएंगे गाड़ी, सरकार ने लागू किया सख्त नियम

Toll Tax Rules: भारत में हर चार पहिया वाहन मालिक को जब वह किसी टोल प्लाजा से गुजरता है, तो टोल टैक्स देना अनिवार्य होता है. हालांकि, कई लोग नियमों का पालन करते हैं और समय पर टोल टैक्स का भुगतान कर देते हैं, वहीं कुछ लोग जानबूझकर या लापरवाहीवश इस रकम को टालते रहते हैं ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए अब सरकार ने एक सख्त कदम उठाया है.

वाहन ट्रांसफर से पहले चुकाना होगा पूरा बकाया

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके अनुसार अब कोई भी व्यक्ति अपनी गाड़ी तब तक न बेच सकेगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करवा सकेगा, जब तक उस गाड़ी से जुड़ा सारा टोल टैक्स बकाया नहीं चुका दिया जाता.परिवहन विभाग अब गाड़ी की RC ट्रांसफर से पहले यह जांच करेगा कि उस वाहन के फास्टैग खाते में कोई लंबित भुगतान है या नहीं. अगर कोई बकाया पाया गया, तो न तो वाहन का स्वामित्व बदला जाएगा और न ही ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होगी.

टोल टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम

सरकार का मानना है कि इस कदम से टोल टैक्स की चोरी पर रोक लगेगी और पहले से बकाया रकम की वसूली भी आसानी से हो सकेगी। इससे न सिर्फ टोल प्रणाली पारदर्शी बनेगी, बल्कि फास्टैग से जुड़ी गड़बड़ियों पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा. इस नई व्यवस्था से वाहन खरीदारों और विक्रेताओं दोनों को अब पहले से सुनिश्चित करना होगा कि फास्टैग से जुड़े सभी भुगतान क्लियर हों.

30 दिन बाद भेजा जाएगा ई-चालान

सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जिन वाहनों पर टोल टैक्स बकाया रहेगा, उन्हें अब 30 दिनों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक चालान (e-Challan) भेजा जाएगा. इस चालान में वाहन नंबर, लंबित राशि और भुगतान की अंतिम तिथि की पूरी जानकारी दी जाएगी.अगर वाहन मालिक समय पर यह बकाया नहीं चुकाता है, तो चालान के साथ एक अतिरिक्त जुर्माना (पेनल्टी) भी जोड़ी जाएगी. इसका सीधा असर भविष्य में गाड़ी बेचने, ट्रांसफर कराने, एनओसी (No Objection Certificate) जारी कराने और नए दस्तावेज प्राप्त करने पर पड़ेगा.

सालाना फास्टैग पास भी होगा लागू

सरकार टोल प्रणाली को और व्यवस्थित करने के लिए अगस्त से सालाना फास्टैग पास की सुविधा भी शुरू करने जा रही है. इससे नियमित रूप से टोल से गुजरने वाले वाहन मालिकों को लाभ मिलेगा, और बार-बार पेमेंट की आवश्यकता कम हो जाएगी.

क्या करें वाहन मालिक?

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अगर आप अपनी गाड़ी बेचने की योजना बना रहे हैं या किसी और के नाम ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने फास्टैग अकाउंट की स्थिति जांचें.यदि कोई भुगतान लंबित है, तो उसे तुरंत निपटा लें, ताकि आगे दस्तावेज़ी प्रक्रिया में कोई अड़चन न आए.सरकार का यह नया कदम न सिर्फ टोल टैक्स व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि उन लोगों को भी जागरूक करेगा जो अब तक इस नियम की अनदेखी कर रहे थे. वाहन मालिकों के लिए यह ज़रूरी हो गया है कि वे अपने टोल संबंधित बकायों को समय पर चुकाएं, वरना भविष्य में उनके लिए वाहन से जुड़ी कई जरूरी प्रक्रियाएं बाधित हो सकती हैं.

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