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दिवाली से पहले शहरी गरीबों को तोहफा, सरकार बनाएगी 1.41 लाख नए घर

PM Awas Yojana: पीएमएवाई-शहरी 2.0 एक ऐसी योजना है जो शहरी गरीबों के जीवन को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखती है. सरकार का लक्ष्य सिर्फ मकान देना नहीं है, बल्कि एक ऐसा माहौल देना है जहां लोग सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सम्मान के साथ रह सकें.

दिवाली से पहले शहरी गरीबों को तोहफा, सरकार बनाएगी 1.41 लाख नए घर
Source: Awas Yojana

PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 भारत सरकार की एक योजना है, जिसका मकसद यह है कि देश के हर शहरी गरीब को एक पक्का, सुरक्षित और सम्मानजनक घर मिल सके. यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो शहरों में रहते हैं लेकिन उनके पास खुद का घर नहीं है या वे बहुत खराब हालात में रह रहे हैं.

1.41 लाख नए घरों को मंजूरी

हाल ही में केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत 14 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 1.41 लाख नए घर बनाने की मंजूरी दी है. यह मंजूरी केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) की बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता श्रीनिवास कटिकिथला (आवास और शहरी मामलों के सचिव) ने की.
इस फैसले के साथ अब इस योजना के तहत 10 लाख से ज्यादा घरों को मंजूरी मिल चुकी है. इसका मतलब है कि लाखों गरीब परिवारों को अब पक्का और अच्छा घर मिलेगा.

किन राज्यों को मिलेगा फायदा?

इस फैसले से असम, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, मेघालय, हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सीधा लाभ मिलेगा. इन सभी राज्यों में शहरी गरीबों की संख्या ज़्यादा है, और वहां लोगों को रहने के लिए पक्के मकानों की ज़रूरत है. इसी को ध्यान में रखकर यह मंजूरी दी गई है.

बुनियादी सुविधाएं भी होंगी जरूरी

बैठक में यह बात साफ तौर पर कही गई कि घरों का निर्माण उन्हीं जगहों पर किया जाए जहां पर सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, और सार्वजनिक परिवहन जैसी जरूरी सुविधाएं पहले से मौजूद हों. इसका मकसद यह है कि लोगों को सिर्फ घर न मिले, बल्कि एक अच्छा और सुविधाजनक जीवन भी मिल सके. सरकार चाहती है कि इन घरों में रहने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.

महिलाओं को मिल रही प्राथमिकता

इस योजना की एक बड़ी खासियत यह भी है कि अधिकतर घर महिलाओं के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर दिए जाते हैं. इसका फायदा यह होता है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं और उनके समाज में दर्जा भी बढ़ता है. इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और उन्हें परिवार में एक अहम भूमिका मिलती है.

सिर्फ घर नहीं, एक सम्मानजनक जीवन

सरकार का मानना है कि यह योजना सिर्फ एक आश्रय देने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक बेहतर और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक मजबूत कदम है. मकान के साथ-साथ लोगों को वह सभी सुविधाएं दी जाएंगी जो एक अच्छे जीवन के लिए जरूरी हैं. बैठक में योजना की अब तक की प्रगति की समीक्षा भी की गई और यह तय किया गया कि कैसे इन परियोजनाओं को समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए.

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पीएमएवाई-शहरी 2.0 एक ऐसी योजना है जो शहरी गरीबों के जीवन को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखती है. सरकार का लक्ष्य सिर्फ मकान देना नहीं है, बल्कि एक ऐसा माहौल देना है जहां लोग सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सम्मान के साथ रह सकें.

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