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VIDEO: पीछे देखो पीछे... मोदी-पुतिन कर रहे थे बात.. टकटकी लगाए, मुंह लटकाए खड़े होकर सोच रहा था शहबाज...ये दुख खत्म काहे नहीं हो रहा...

सोमवार को समिट के दूसरे दिन एक दिलचस्प पल देखने को मिला. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन आपस में बातचीत करते हुए हॉल से गुजर रहे थे, वहीं शहबाज़ शरीफ़ कोने में हाथ बांधे अकेले खड़े दिखाई दिए. न कोई उनसे बातचीत कर रहा था, न ही कोई ध्यान दे रहा था. बस, वह मोदी और पुतिन को बेबस निगाहों से देखे जा रहे थे.

VIDEO: पीछे देखो पीछे... मोदी-पुतिन कर रहे थे बात.. टकटकी लगाए, मुंह लटकाए खड़े होकर सोच रहा था शहबाज...ये दुख खत्म काहे नहीं हो रहा...
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चीन के तियानजिन शहर में इस समय शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की धूम है. दुनिया की बड़ी ताक़तें यहां इकट्ठे हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सोमवार को एक ही मंच पर नज़र आए. तीनों नेताओं को अनौपचारिक बातचीत करते हुए भी देखा गया. इसी बीच सम्मेलन में एक और दिलचस्प नज़ारा सामने आया.

देखते रहे शरीफ, मोदी पुतिन बात करते निकल गए…

चूंकि पाकिस्तान भी SCO का सदस्य है, इसलिए प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ भी इस शिखर सम्मेलन में पहुंचे. सोमवार को समिट के दूसरे दिन एक दिलचस्प पल देखने को मिला. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन आपस में बातचीत करते हुए हॉल से गुजर रहे थे, वहीं शहबाज़ शरीफ़ कोने में हाथ बांधे अकेले खड़े दिखाई दिए. न कोई उनसे बातचीत कर रहा था, न ही कोई ध्यान दे रहा था. बस, वह मोदी और पुतिन को बेबस निगाहों से देखे जा रहे थे.

‘धौंस और दबाव’ की आलोचना

SCO समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वैश्विक व्यवस्था में ‘धौंस और दबाव’ जैसी प्रवृत्तियों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहा है. समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित 20 से अधिक देशों के नेता मौजूद रहे. शी जिनपिंग ने बताया कि SCO सदस्य देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था करीब 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है, जबकि चीन का निवेश पहले ही 84 बिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है.

साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाता है- जिनपिंग

शी जिनपिंग ने जल्द से जल्द SCO डेवलपमेंट बैंक की स्थापना और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक नए केंद्र के गठन का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सभी सदस्य देश ‘दोस्त और साझेदार’ हैं, इसलिए आपसी मतभेदों का सम्मान करते हुए रणनीतिक संवाद बनाए रखना चाहिए. सहयोग और एकजुटता को अनिवार्य बताते हुए शी ने कहा कि यही मार्ग विभिन्न संस्कृतियों को समृद्धि और सामंजस्य के साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाता है.

ज़रूरतमंद क्षेत्रों में 100 छोटे प्रोजेक्ट शुरू करेगा- जिनपिंग

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अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने SCO की क्षेत्रीय सुरक्षा में अहम भूमिका को रेखांकित किया और मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के बीच बहुपक्षवाद और सहयोग को अनिवार्य बताया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक शासन व्यवस्था में केंद्रीय भूमिका पर भी जोर दिया. इसी दौरान चीन ने घोषणा की कि वह SCO सदस्य देशों के ज़रूरतमंद क्षेत्रों में 100 छोटे प्रोजेक्ट शुरू करेगा, जिनसे लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने का लक्ष्य है.

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