सेल्वा ब्रिंधा बनीं लाखों नवजातों की मसीहा, दो साल में 300 लीटर ब्रेस्ट मिल्क दान कर रचा इतिहास

सेल्वा ब्रिंधा ने सभी नई माताओं से स्तन दूध दान करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अक्सर समय से पहले जन्मे बच्चों को एनआईसीयू में रखा जाता है और उस समय मां का दूध उनके लिए अमूल्य होता है. उन्होंने बताया कि स्तन दूध न केवल पोषण देता है बल्कि शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है.

सेल्वा ब्रिंधा बनीं लाखों नवजातों की मसीहा, दो साल में 300 लीटर ब्रेस्ट मिल्क दान कर रचा इतिहास

तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु : एक असाधारण उदाहरण पेश करते हुए, तिरुचिरापल्ली जिले की रहने वाली 33 वर्षीय गृहिणी सेल्वा ब्रिंधा ने महज़ 22 महीनों में 300.17 लीटर स्तन दूध दान करके पूरे देश को हैरान कर दिया है. उनका यह मानवीय कार्य न सिर्फ़ हज़ारों नवजात शिशुओं के जीवन का सहारा बना, बल्कि उन्हें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी स्थान दिलाया.

कैसे शुरू हुई यह प्रेरणादायक यात्रा?

सेल्वा ब्रिंधा के दूसरे बच्चे के जन्म के बाद उसे पीलिया हो गया था और उसे 3–4 दिनों के लिए एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती किया गया. उस समय डॉक्टरों ने उन्हें स्तन दूध पंप कर बच्चे को देने की सलाह दी. इस प्रक्रिया के दौरान जब अतिरिक्त दूध बच गया, तो अस्पताल प्रशासन की अनुमति से उसे अन्य बीमार नवजातों को दिया गया.

यहीं से ब्रिंधा के मन में दूध दान करने का विचार आया. उन्होंने अमृथम फाउंडेशन के सहयोग से महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल (MGMGH) के मिल्क बैंक को नियमित रूप से दूध दान करना शुरू किया.

22 महीनों में 300 लीटर से अधिक दूध किया दान

अप्रैल 2023 से फरवरी 2025 तक, सेल्वा ब्रिंधा ने कुल 300.17 लीटर स्तन दूध दान किया — यानी औसतन हर महीने करीब 13.6 लीटर दूध. उनका यह योगदान हज़ारों नवजात शिशुओं के जीवन को बचाने में सहायक रहा, जिनमें से कई समय से पहले जन्मे थे या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे.

सेल्वा ब्रिंधा के नाम दर्ज़ हुआ ब्रेस्ट मिल्क डोनेट करने का रिकॉर्ड

इस अभूतपूर्व योगदान के लिए सेल्वा ब्रिंधा का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है. समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा "मैंने 300 लीटर स्तन दूध दान किया है. भारत में किसी व्यक्ति द्वारा सबसे अधिक मात्रा में स्तन दूध दान करने के लिए मुझे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिली है."

एक मिसाल बनीं सेल्वा ब्रिंधा

सेल्वा ब्रिंधा ने सभी नई माताओं से स्तन दूध दान करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अक्सर समय से पहले जन्मे बच्चों को एनआईसीयू में रखा जाता है और उस समय मां का दूध उनके लिए अमूल्य होता है. उन्होंने बताया कि स्तन दूध न केवल पोषण देता है बल्कि शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है.

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सेल्वा ब्रिंधा का यह कार्य मातृत्व, संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण का आदर्श उदाहरण है. उन्होंने यह साबित कर दिया कि एक सामान्य महिला भी असाधारण काम करके हजारों ज़िंदगियों को छू सकती है.

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