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क्या इंडिया में टेलीग्राम बंद होने वाला है?

भारत सरकार ने पॉपुलर मैसेजिंग ऐप Telegram के खिलाफ एक बड़ी जांच शुरू करने का फैसला लिया है। इस जांच का उद्देश्य यह जानना है कि क्या Telegram का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। यह कदम तब उठाया गया है जब हाल ही में ऐप के फाउंडर और CEO पावेल ड्यूरोव को फ्रांस में गिरफ्तार किया गया।

क्या इंडिया में टेलीग्राम बंद होने वाला है?

भारत सरकार ने हाल ही में मैसेज प्लेटफॉर्म टेलीग्राम की जांच शुरू की है। यह जांच इसलिए की जा रही है क्योंकि इस ऐप का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों जैसे कि उगाही और जुआ खेलने के लिए किया जा रहा है। यह इन्वेस्टिगेशन इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA) और मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) का भी सहयोग है। जिसके बाद अब यह जांच टेलीग्राम पर बैन लगाने की ओर इशारा कर रही है, ऐसे में सवाल यह है कि टेलीग्राम एप क्या इंडिया में बैन हो सकता है?

क्या टेलीग्राम इंडिया में काम करता रहेगा?

 यह इस जांच के नतीजे से तय होगा कि टेलीग्राम इंडिया में ऑपरेट करेगा या नहीं। फिलहाल, टेलीग्राम इंडिया के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) रूल्स का पालन कर रहा है, जिसमें अहम अधिकारियों की नियुक्ति और मंथली कंप्लायंस रिपोर्ट्स पब्लिश करना शामिल है। लेकिन इस जांच से पता चलेगा कि ये मेजर्स कितने कारगर हैं।

टेलीग्राम के CEO पावेल डुरोव की गिरफ्तारी क्यों हुई?

यह सब तब शुरू हुआ जब हाल ही में टेलीग्राम के फाउंडर और CEO पावेल डुरोव को 24 अगस्त को पेरिस में गिरफ्तार कर लिया गया। डुरोव की गिरफ्तारी ने एलन मस्क और एडवर्ड स्नोडन जैसे लोगों से आलोचना भी झेली है। उनकी गिरफ्तारी का कारण ऐप के कंटेंट मॉडरेशन प्रैक्टिसेज़ को बताया गया है, जिनकी वजह से प्लेटफॉर्म पर क्रिमिनल एक्टिविटीज़ पर लगाम नहीं लग पाई।

फ्रेंच अथॉरिटीज़ ने डुरोव को पेरिस के Le Bourget एयरपोर्ट पर तब गिरफ्तार किया जब वह बाकू, अज़रबैजान से पेरिस पहुंचे थे। उनकी गिरफ्तारी फ्रांस के Office for Minors (OFMIN) द्वारा जारी सर्च वारंट के तहत हुई, जो उन पर धोखाधड़ी, ड्रग ट्रैफिकिंग, साइबरबुलिंग, संगठित अपराध, और आतंकवाद के प्रचार जैसे आरोपों की जांच कर रहा है।

रूस में टेलीग्राम की भारी लोकप्रियता

टेलीग्राम का इस्तेमाल रूस, यूक्रेन, और अन्य पूर्व सोवियत राज्यों में काफी बड़े पैमाने पर होता है। यह ऐप आज की तारीख में दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुका है, और इसका लक्ष्य अगले साल तक एक बिलियन यूजर्स तक पहुंचने का है। लेकिन इसके कंटेंट मॉडरेशन की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।

डुरोव की जांच खासतौर पर ड्रग ट्रैफिकिंग और अन्य क्रिमिनल एक्टिविटीज़ को रोकने में ऐप की नाकामी पर फोकस कर रही है, जैसा कि फ्रेंच मीडिया आउटलेट्स TF1 और BFMTV ने रिपोर्ट किया है। डुरोव, जो ज्यादातर यूरोप से बाहर रहते हैं, फ्रांस में बहुत कम आते हैं, और उनकी हालिया गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है।

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रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से टेलीग्राम सूचना के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन गया है—चाहे वह विश्वसनीय हो या गुमराह करने वाली। इसे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से लेकर क्रेमलिन और रूसी सरकार तक, सभी बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि ongoing conflict के बारे में जानकारी फैलाई जा सके।

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