नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, करियर में पहली बार फेंका 90 मीटर से अधिक दूर भाला
नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग में पहली बार 90 मीटर का जैवलिन थ्रो फेंककर एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया. जानिए नीरज की इस सफलता के बारे में, और कैसे उन्होंने भारत का नाम गर्व से दुनिया भर में रोशन किया.
17 May 2025
(
Updated:
08 Dec 2025
07:02 PM
)
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भारत के गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर देश को गर्व महसूस कराया है. दोहा डायमंड लीग 2025 में हिस्सा लेते हुए नीरज ने 90.23 मीटर का भाला फेंककर इतिहास रच दिया है. ये पहली बार है जब नीरज ने अपने करियर में 90 मीटर की दूरी को पार किया है. नीरज ने ये कारनामा किसी छोटे मुकाबले में नहीं, बल्कि डायमंड लीग जैसे इंटरनेशनल लेवल के बड़े इवेंट में किया, जहां दुनिया के टॉप खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं.ये सिर्फ एक नंबर नहीं है, ये उस मेहनत, जुनून और जज्बे की कहानी है जिसे नीरज पिछले कई सालों से जीते आ रहे हैं. ओलंपिक गोल्ड के बाद ये उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
भारत के लिए गर्व का पल
90 मीटर पार करना जैवलिन थ्रो की दुनिया में एक बहुत मुश्किल और खास रिकॉर्ड माना जाता है, जिसे बहुत कम खिलाड़ी ही हासिल कर पाए हैं. नीरज अब दुनिया के 25वें और एशिया के सिर्फ तीसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने ये कारनामा किया है.इससे पहले पाकिस्तान के अरशद नदीम और ताइवान के चाओ सुन चेंग ही ऐसा कर पाए थे.आज हर भारतीय का सीना चौड़ा है क्योंकि हमारा चैंपियन नीरज सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि इतिहास के पन्नों में भी अपनी छाप छोड़ रहा है.
THE HISTORIC MOMENT.
— Surjeet singh 🇮🇳 (@tinkuk212) May 16, 2025
- Neeraj Chopra breaching the 90m mark with a 90.23m throw. 🔥#neerajchaupara #gold #DiamondLeague #neeraj #Trending pic.twitter.com/AgFIIIfuRo
दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन दिल जीत लिया
हालांकि, इस मुकाबले में नीरज को दूसरा स्थान मिला क्योंकि जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर का थ्रो किया. लेकिन भारतीयों के लिए असली जीत वो थी जब उन्होंने स्क्रीन पर 90.23m लिखा देखा. ये वो पल था जिसने हर देशवासी की आंखें गर्व से नम कर दीं.
बता दें नीरज चोपड़ा की ये उपलब्धि न सिर्फ खेल प्रेमियों को उत्साहित कर रही है, बल्कि आने वाली युवा पीढ़ी के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है. उन्होंने दिखा दिया कि अगर मेहनत और लगन हो तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं.
नतीजा नहीं, सफर भी खास है
टोक्यो ओलंपिक के गोल्ड मेडल से लेकर अब 90 मीटर की दूरी पार करना नीरज का सफर भारत के खेल इतिहास का चमकता हुआ अध्याय है. ये उन लोगों के लिए जवाब है जो मानते थे कि भारत सिर्फ क्रिकेट का देश है.
आज भारत की धरती ने एक ऐसा सितारा देखा है, जो हर थ्रो के साथ पूरे देश को गौरव के आकाश में पहुंचा देता है.
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