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क्या आप जानते हैं? भारत में एक राज्य ऐसा भी है जहां कोई भी इनकम टैक्स नहीं देता!

क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा राज्य है जहां के नागरिकों को एक भी रुपया इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता? यह राज्य है सिक्किम, जहां के लोगों को आयकर अधिनियम की धारा 10(26AAA) के तहत टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है।

क्या आप जानते हैं? भारत में एक राज्य ऐसा भी है जहां कोई भी इनकम टैक्स नहीं देता!
हर साल बजट के समय देशभर के लोगों की नजरें इस बात पर टिकी होती हैं कि सरकार टैक्स में राहत देगी या नहीं। किसी को उम्मीद होती है कि इनकम टैक्स में छूट मिलेगी, तो कोई जीएसटी दरों में कमी की उम्मीद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा भी राज्य है जहां के नागरिकों को एक भी रुपए टैक्स नहीं देना पड़ता! चाहे वे करोड़ों-अरबों की कमाई करें, सरकार उनसे कोई कर नहीं लेती।

यह राज्य है सिक्किम, जो न केवल अपनी खूबसूरती और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि एक खास नियम की वजह से भी चर्चा में रहता है। भारत के इस पूर्वोत्तर राज्य के लोगों को टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है। लेकिन सवाल यह उठता है कि ऐसा क्यों? क्या यह छूट हमेशा के लिए है? और क्या भारत के अन्य राज्यों में रहने वाले लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं? आइए इस रहस्य से पर्दा उठाते हैं।
सिक्किम जहां टैक्स से है पूरी आज़ादी!
भारत सरकार द्वारा लागू आयकर अधिनियम की धारा 10(26AAA) सिक्किम के निवासियों को टैक्स से पूरी तरह मुक्त करती है। इसका सीधा मतलब है कि सिक्किम में रहने वाले नागरिकों को अपनी आय, ब्याज, निवेश या व्यापार पर कोई भी कर नहीं देना पड़ता। यह भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां यह विशेष छूट दी गई है। लेकिन यह छूट सिक्किम को यूं ही नहीं मिली। इसके पीछे एक लंबी ऐतिहासिक और संवैधानिक कहानी छिपी हुई है।

सिक्किम कभी भारत का हिस्सा नहीं था। यह 330 वर्षों तक एक स्वतंत्र रियासत के रूप में अस्तित्व में रहा। 1975 से पहले यह क्षेत्र एक संप्रभु देश था, जिसके अपने कानून, अपनी अर्थव्यवस्था और अपनी कर प्रणाली थी। लेकिन 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ और इसे भारत का 22वां राज्य बनाया गया। इस विलय की एक खास शर्त थी कि सिक्किम के नागरिकों को उनकी पुरानी कर व्यवस्था के तहत ही रखा जाएगा और उन पर भारतीय कर कानून लागू नहीं होंगे।

इसी शर्त को पूरा करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 371(F) के तहत सिक्किम को विशेष दर्जा दिया गया, और 2008 में आयकर अधिनियम की धारा 10(26AAA) लागू कर दी गई, जिससे यहां के नागरिकों को टैक्स से छूट मिल गई।
कौन लोग उठा सकते हैं इस छूट का फायदा?
हर सिक्किमवासी को इस छूट का लाभ नहीं मिलता। सरकार ने इसे कुछ खास शर्तों से जोड़ा है, दरअसल सिक्किम के वे नागरिक, जो 26 अप्रैल 1975 से पहले वहां के स्थायी निवासी थे, वहीं नागरिक टैक्स से मुक्त हैं। अगर किसी व्यक्ति की आय सिक्किम से बाहर की संपत्तियों, किराए, या व्यापार से आती है, तो उसे टैक्स देना होगा। अगर सिक्किम की कोई महिला 1 अप्रैल 2008 के बाद किसी बाहरी व्यक्ति से शादी करती है, तो वह इस छूट के दायरे से बाहर हो जाती है। इसके साथ ही अगर कोई सिक्किम का निवासी भारतीय म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहता है, तो उसे पैन कार्ड देने की जरूरत नहीं पड़ती।

अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि क्या कोई भारतीय नागरिक सिक्किम जाकर वहां का निवासी बनकर इस छूट का फायदा उठा सकता है? इसका जवाब नहीं है। सिक्किम की नागरिकता प्राप्त करना आसान नहीं है। सिर्फ वे लोग जो 26 अप्रैल 1975 से पहले वहां के नागरिक थे, और उनके वंशज ही इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।
क्या सिर्फ सिक्किम ही टैक्स फ्री है?
नहीं! सिक्किम के अलावा भी कुछ खास जनजातियों को टैक्स से छूट मिली हुई है। भारतीय कर कानूनों के तहत, कुछ राज्यों की अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes - STs) को भी टैक्स नहीं देना पड़ता। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, असम (कुछ खास जनजातियां), लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्र भी टैक्स छूट राज्यों में आते हैं। हालांकि, यह छूट केवल उन्हीं जनजातियों को मिलती है, जो पारंपरिक रूप से इन क्षेत्रों में निवास करते हैं।

कई बार यह सवाल उठा है कि क्या सिक्किम के लोगों को दी गई टैक्स छूट को खत्म किया जा सकता है? हालांकि, यह मामला संविधान के अनुच्छेद 371(F) से जुड़ा हुआ है, जो सिक्किम को विशेष दर्जा देता है। अब तक केंद्र सरकार ने इस छूट को बनाए रखने का ही समर्थन किया है। हालांकि, अगर भविष्य में कोई बड़ा संवैधानिक बदलाव होता है, तो इस व्यवस्था में परिवर्तन संभव हो सकता है।

सिक्किम सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अनोखे कर कानूनों के कारण भी चर्चा में रहता है। यहां के नागरिकों को भारत के अन्य राज्यों की तुलना में एक बड़ी कर छूट मिली हुई है। हालांकि, यह छूट हर किसी को नहीं मिलती, और इसके लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं। यह व्यवस्था सिक्किम की ऐतिहासिक और संवैधानिक स्थिति का हिस्सा है, जो इसे भारत के अन्य राज्यों से अलग बनाती है।

तो अगली बार जब बजट में इनकम टैक्स की बढ़ोतरी या कटौती पर चर्चा हो, तो याद रखें – भारत में एक ऐसा भी राज्य है जहां के नागरिकों को सरकार को 1 रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ता!

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