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Congress के 99 सांसदों पर लटकी तलवार, पार्टी को ले डूबे Rahul के दो झूठ

EVM हैकिंग पर झूठ फैलाकर विपक्ष बुरी तरह फंस गया है। राहुल गांधी, ध्रुव राठी, उद्धव ठाकरे संजय सिंह के खिलाफ कोर्ट में कार्रवाई के लिए याचिका दायर की गई है।

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13 Jul 2024
( Updated: 08 Dec 2025
11:32 PM )
Congress के 99 सांसदों पर लटकी तलवार, पार्टी को ले डूबे Rahul के दो झूठ
Modi :Modi सरकार को बदनाम के लिए विदेशी ताकतों के सुर में सुर मिलाना विपक्ष को ले डूबा है। खासकर राहुल गांधी पर ऐसी मार पड़ी है। कि उनके साथ साथ उद्धव ठाकरे और ध्रुव राठी मुश्किलों में पड़ गए हैं। इसी के साथ झूठ फैलाना कांग्रेसियों को इतना महंगा पड़ा की 99 सांसदों की सांसदी पर तलवार लटक गई है। क्योंकि मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। तो चलिए सबसे पहले कांग्रेस के पहले झूठ पर बात करते हैं।  जो 99 सांसदों की गले की फांस बना है। दरअसल ।



कोर्ट में कांग्रेस के सभी 99 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की याचिका दाखिल की गई है।
आरोप है कि कांग्रेस ने गारंटी कार्ड के जरिए भ्रम फैलाया, जनता को पैसे का लालच देकर वोट लिया।
आरोप है कि वोट के बदले 1 लाख और 8500 रुपये देने का कांग्रेस ने चुनाव में वादा किया था।
सेक्शन 123 के तहत ये नोट फॉर वोट का मामला बनता है।

चुनाव के बाद महिलाएं कांग्रेस कार्यालय में पैसे मांगने भी पहुंच गई थी। लेकिन उन्हें सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस की तरफ से ठेंगा ही दिखाया गया। क्योंकि कांग्रेस से झूठा लालच देकर वोट हासिल किए।  इसी झूठ की वजह से कांग्रेसी कोर्ट में फंस गई हैं। कोर्ट अगर इस मामले को गंभीरता से ले लेता है तो 99 सांसदों को सांसदी पर तलवार लटक सकती है। तो ये था कांग्रेस का पहला झूठ। अब कांग्रेस के दूसरे झूठ पर आते हैं।  जिसकी वजह से राहुल गांधी तो फंसेंगे ही विपक्षी नेताओं को भी ले डूबेंगे।

 दरअसल मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए विदेशी ताकतें तरह तरह के नैरेटिव सेट करती है और बिना तथ्यों के इस नैरेटिव को विरक्ष लपककर आगे बढ़ाते हुए जनता को गुमराह करने का काम करता है। खासकर कांग्रेस। इसी नैरेटिव में से एक है ईवीएम हैक होने का झूठ। ईवीएम पर झूठ फैलाकर विपक्ष ने बार बार मुंह की खाई है।लेकिन इस बार राहुल गांधी को एक गलती बहुत महंगी पड़ गई।  दरअसल लोकसभा चुनाव के रिजल्ट आने के 11 दिन बाद ईवीएम को लेकर झूठ फैलाया गया। सबसे पहले दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन एलन मस्क ने 15 जून को लिखा EVM को खत्म कर देना चाहिए। इसे इंसानों या AI के जरिए हैक किए जाने का खतरा है। एलन मास्क को  बोले देर हुई नहीं थी कि 16 जून को मिड डे अखबार ने एक सनसनीखेज रिपोर्ट छाप डाली। लिखा की ईवीएम को हैक किया जा सकता है।  बस इतना सुनते ही विपक्ष ने बवाल काटना। माहौल बनाना शुरू कर दिया। लेकिन ऐसे में एक चुनाव अधिकारी ने मिड डे की अकल ठिकाने लगाई।  खबर को झूठ करार देते हुए नोटिस जारी कर दिया। नोटिस मिलते ही मिड डे लाइन पर आ गया। तुरंत मांफी मांग ली। लेकिन इंडी अलायंस के नेता राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे समेत विपक्षी नेता इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए बवाल काटते रहे।  खबर झूठी साबित होने के बाद भी माहौल बनाते रहे। लेकिन ये माहौल बनाना अब विपक्षी नेताओं के गले की फांस बन गया है।  इन सभी नेताओं को अब कोर्ट तक घसीट दिया गया है दरअसल ।


राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, संजय राउत और यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
विपक्षी नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
याचिका में इन नेताओं के खिलाफ EVM को लेकर झूठ फैलाने और जनता में भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया गया है।
आरोप लगाया है कि इन लोगों ने अपने ‘छुपे एजेंडे’ के तहत ईवीएम को लेकर अलग-अलग धारणाएं बनाई और लोगों में भ्रम पैदा किया।


एक रिपोर्ट के मुताबिक याचिका में आरोप लगाया है कि ध्रुव राठी और विपक्ष के लोग लगातार EVM पर झूठ फैला रहे हैं.. जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।ये उनकी आदत में शुमार है और इस तरह के बार बार झूठ फैलाना नीलेश नवलखा बनाम भारत संघ में बंबई हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। तो याचिका के मुताबित राहुल गांधी, ध्रुव राठी समेत सभी आरोपियों ने उस आदेश का उल्लंघन किया है। जिसमे कोर्ट ने कहा था कि जिन मामलों की सुनवाई चल रही हो। उस पर कोई राय बनाकर जनता के बीच गलत बातें फैलाना। आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आएगा। ऐसा करना कोर्ट की अवमानना अधिनियम की धारा 2(C) के तहत दंडनीय अपराध है। यानी की अब विपक्ष को अपनी इस हरकत पर फिर से मुंह की खानी पड़ सकती है।  क्योंकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लिया है। वही याचिकाकर्ता ने
राहुल, उद्धव, संजय राउत और ध्रुव राठी के खिलाफ CBI,ED, IB सहित SIT के गठन की मांग की है।
ताकी जांच से राहुल गांधी, ध्रुव राठी, उद्धव ठाकरे और बाकी लोगों की छुपी मंशा की जांच हो सके।
कोर्ट की अवमानना अधिनियम 1971 की धारा 2(बी) और 12 के तहत विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।


तो ऐसे अब बॉम्बे हाईकोर्ट जल्द ही चौंकाने वाला फैसला सुना सकता है। और ये फैसला राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे, संजय राउत, के साथ साथ ध्रुव राठी को ले डूब सकता हैं। क्योंकि ये लोग मोदी सरकार को फंसाने के लिए बिना तथ्यों के झूठ बोल जाते हैं। औऱ सबूत मांगने पर छुप जाते हैं। लेकिन इस बार विपक्षियों की गलती इन्हें काफी महंगी पड़ने वाली है।

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