मोहन भारत के आज़ादी वाले बयान पर भड़के राहुल गांधी, बोले-मोहन भागवत ने किया देशद्रोह

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान पर तीखा हमला किया. राहुल गांधी ने मोहन भागवत के बयान को देशद्रोह बताते हुए कहा कि भागवत का ये कहना कि संविधान अमान्य है और 1947 में भारत को स्वतंत्रता नहीं मिली भारतीय जनता के लिए एक गहरा अपमान है. दरअसल मोहन भागवत ने कहा था की राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख को देश को आज़ादी मिली है

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16 Jan 2025
( Updated: 10 Dec 2025
09:30 PM )
मोहन भारत के आज़ादी वाले बयान पर भड़के राहुल गांधी, बोले-मोहन भागवत ने किया देशद्रोह
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को एक साल का वक़्त बीत गया। लेकिन राम मंदिर का नाम सुनते ही कांग्रेस का भड़कना बंद नहीं हुआ। इस बार तो राम मंदिर के नाम पर गांधी परिवार के साथ साथ कांग्रेस अध्यक्ष को ऐसा करंट लगा। हर कोई हैरान हो गया। क्योंकि RSS प्रमुख मोहन भागवत के मुँह से राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर निकली बात कांग्रेस हजम नहीं कर पाई। और छूटते ही उन्हें धमकियाँ देने बैठ गई.. दरअसल हुआ ये कि RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भरे मंच से ऊँची आवाज में कहा कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाई जानी चाहिए क्योंकि अनके सदियों से दुश्मन का आक्रमण झेलने वाले देश को सच्ची स्वतंत्रता इसी दिन मिली थी।

जैसे ही मोहन भागवत ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को आज़ादी का दिन बताया ।कांग्रेस का कलेजा मानों छलनी हो गया। घर से बाहर तक कांग्रेसी बुरी तरह भड़क उठे।मौक़ा चल रहा था। कांग्रेस के नए कार्यालय के उद्घाटन का। लेकिन अपनी ख़ुशी में भी कांग्रेसी मोहन भागवत के बयान को सुनकर खुश नहीं रह पाए। राहुल गांधी से लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ही उन्हें धमकियां देने लगे। राहुल गांधी ने तो यहाँ तक कह दिया कि भागवत का बयान राजद्रोह के सामान है। वहीं खड़गे साहब तो भागवत पर तंज कसने के चक्कर में शब्दों की मर्यादा ही भूल गए।

ऐसा लगता है कांग्रेस को राम मंदिर बनने। उसकी प्राण प्रतिष्ठा होने से काफ़ी नफ़रत है। क्योंकि राम का नाम नाम सुनते ही कांग्रेसी भड़क उठते हैं। यही वजह है कि हिंदुओं की आस्था के सबसे बड़े केंद्र राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख़ को अगर भागवत ने हिंदुओं के लिए असली आज़ादी बताया। तो कांग्रेस का एक भी नेता इसे हजम नहीं कर पाया। क्योंकि कांग्रेस आस्था को ठोकर मार सन 1947 की आज़ादी पर आकर अटक गई। वो दिन वो रोज़ भूल गई। जब लाखों करोड़ों हिंदुओं ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए संघर्ष किया। गोलियाँ खाईं..लाठियाँ झेली। और तो और मुगलों का वो राज झेला। जिन्होंने ना सिर्फ़ हिंदुओं का नरसंहार किया। बल्कि मंदिरों पर अत्याचार किया।

मंदिरों को तोड़कर उनके ऊपर मस्जिदों का निर्माण किया। मुग़लों का राज ख़त्म होने के बाद जब कांग्रेस जैसी पार्टियों ने देश पर राज किया। तो भी किसी मंदिर के हक़ में कांग्रेस आवाज़ उठाती नज़र नहीं आई। कार सेवकों ने जब राम मंदिर के लिए आवाज़ उठाई। तो राजीव गांधी ही थे। जिन्होंने उनकी आवाज़ दबाई। वर्षों के संघर्ष के बाद राम मंदिर की राह आसान हो पाई। मुग़लों से देश को आज़ादी तो मिल ही पाई। साथ ही साथ प्राण प्रतिष्ठा की तारीख हिंदुओं की आज़ादी बयां करती नज़र आई। तो कांग्रेस इस दर्द को झेल नहीं पाई। कांग्रेस की तकलीफ़ इसलिए भी ज़्यादा बढ़ी है क्योंकि राम मंदिर का निर्माण मोदी सरकार के राज में ही हुआ। जिसका पूरा क्रेडिट मोदी  सरकार को ही दिया जाता है। यही वजह है कि कोई बीजेपी नेता हो या फिर RSS से जुड़े लोग।जब भी राम मंदिर की बात बोलते हैं।कांग्रेस बुरी तरह बौखला उठती है।सबसे बड़ी बात तो ये है कि प्राण प्रतिष्ठा के न्योते तक को कांग्रेसियों ने ठुकरा दिया।राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को एक साल बीत गया।लेकिन गांधी परिवार का कोई भी सदस्य या फिर कांग्रेसी अभी तक मंदिर दर्शन के लिए नहीं पहुंचा।जबकि राहुल गांधी रायबरेली से सांसद है। रायबरेली से अयोध्या की दूरी महज़ 126 किलोमीटर की है।

लेकिन राहुल गांधी एक बार भी अयोध्या नहीं पहुँचे। जबकि अयोध्या के नाम पर सियासत करने। लोकसभा चुनाव में फ़ैज़ाबाद से बीजेपी के हारने पर उछलने का राहुल गांधी एक मौक़ा नहीं छोड़ते।अभी भी मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव है। राहुल गांधी को अगर अखिलेश की पार्टी के पक्ष में वोट करने बीजेपी को घेरने के लिए बोल दिया जाए. तो सबसे आगे नज़र आएंगे। लेकिन राम का नाम आएगा। तो पूरी पार्टी के पेट में दर्द हो जाएगा। यही वजह है कि जैसे ही भागवत ने प्राण प्रतिष्ठा को तारीख को देश की आज़ादी का दिन बताया। वैसे ही राहुल गांधी बौखला उठे ।भागवत के बयान को राजद्रोह बता दिया। 

राहुल गांधी भागवत को कोसने बैठे थे। अपनी लड़ाईं बीजेपी और आरएसएस से बता रहे थे। लेकिन बोलते बोलते ज़ुबान ऐसी फिसली कि सच्चाई बाहर आ गई। राहुल गांधी बोल गए उनकी लड़ाई BJP RSS के साथ साथ भारत राज्य से भी है। राहुल गांधी के इस बयान से देश की राजनीति में कोहराम मच गया बीजेपी ने तुरंत पलटवार किया।

भागवत के बयान को कोड पर बीजेपी को घेरने चले राहुल गांधी अपने बयान से ख़ुद ही चारों तरफ़ से घिर गए हैं। क्योंकि बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान को लेकर कांग्रेस को इतिहास का पाठ पढ़ा दिया है। बता दिया है कि कब कब भारत विरोध में कांग्रेस खड़ी रही। और उसकी असलियत अब राहुल गांधी के मुंह से निकल गई है। 

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