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Kashi के मुस्लिम मोहल्ले में Yogi सरकार ने 60 साल बाद खुलवाया मंदिर का ताला, अब होगी पूजा !

Sambhal के बाद अब काशी के प्राचीन मंदिर में लगे ताले पर विवाद गरमाया था हालांकि योगी सरकार ने मुस्लिम बहुल इलाका होने के बावजूद मंदिर का ताला खुलवा दिया और अब मंदिर में पूजा पाठ की तैयारी हो रही है क्योंकी ये योगी का यूपी है जहां मंदिर पर ताला नहीं लगता माला चढ़ता है !

Kashi के मुस्लिम मोहल्ले में Yogi सरकार ने 60 साल बाद खुलवाया मंदिर का ताला, अब होगी पूजा !
जिसका सबसे बड़ा सबूत है महादेव की काशी में मौजूद ये प्राचीन मंदिर।जिस पर दशकों से ताला जड़ा हुए था।और जब सनातनी हिंदुओं ने मंदिर पर लगे ताले तोड़ कर मंदिर में पूजा पाठ करने की मांग उठाई तो मुस्लिमों ने इसका जबरदस्त विरोध किया। और पूजा पाठ को ही फालतू बता दिया था।

नमाज के नाम पर सड़क घेरने वाले लोग ताला खोलने का विरोध करते हुए तर्क दे रहे थे कि मंदिर खुलेगा तो लोग पूजा पाठ करेंगे जिससे सड़क जाम होगी। लोगों को आने जाने में परेशानी होगी। लेकिन ये बात शायद भूल गये कि ये भगवाधारी योगी की सरकार है। जहां मंदिरों पर ताला नहीं लगता। माला चढ़ता है। इसीलिये जैसे ही पुलिस प्रशासन को इसकी भनक लगी। तुरंत मंदिर के ताले खोलने की तैयारी शुरू हो गई।और वो दिन भी आ गया जब 8 जनवरी को सुबह सुबह ही पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में मंदिर के ताले खोले गये।


मुस्लिम मोहल्ले मदनपुरा में मौजूद प्राचीन मंदिर दशकों से बंद पड़ा था। जिसकी वजह से मंदिर के अंदर धूल की एक मोटी परत जमी हुई थी। तो वहीं शिवलिंग भी खंडित नजर आ रहा था। जिसे साफ किया गया और गंगा जल का छिड़काव किया गया।

दशकों बाद मंदिर का ताला खोला गया तो सभी हिंदुओं ने इसका जोरशोर से स्वागत किया तो वहीं मुसलमानों ने भी विरोध छोड़ कर सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए मंदिर खोलने में हिंदुओं का साथ दिया। यानि मंदिर खोलने के लिए कोई जोर जबरदस्ती नहीं की गई। हिंदू मुसलमान सभी ने इसका स्वागत किया।

साठ सालों से बंद मंदिर खुलवाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले हिंदू रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा ने अब इसके जीर्णोद्धार के काम में जुट गये हैं।और खरमास बाद पूजा पाठ के साथ प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। तो वहीं मंदिर खुलने से स्थानीय निवासी भी खुश नजर आ रहे हैं।

वाराणसी के जिस मदनपुरा इलाके में ये प्राचीन मंदिर है। वो मुस्लिम बहुल इलाका है। जिसकी संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहा। हालांकि सब कुछ बड़े ही प्यार और आपसी सद्भाव के साथ हो गया। किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं आई। फिलहाल खरमास की वजह से मंदिर में पूजा पाठ नहीं किया जा सका। हालांकि साफ सफाई हो गई है। मकर संक्राति के बाद कोई शुभ मुहूर्त देख कर मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा भी करवाई जाएगी। उसके बाद श्रद्धालु भी नियमित रूप से यहां पूजा पाठ कर सकेंगे। बहरहाल मुस्लिम बहुल इलाका होने के बावजूद जिस तरह से योगी सरकार ने बड़ी ही शांति के साथ साठ साल से बंद मंदिर के ताले खुलवाए हैं। 

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