बांके बिहारी के भक्तों को योगी सरकार का तोहफा, 16.75 किमी लंबे वृंदावन बाईपास को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ब्रज क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, जिसमें 16.75 किलोमीटर लंबे वृंदावन बाईपास का निर्माण शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुधारना, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देना है।

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11 Oct 2024
( Updated: 12 Oct 2024
10:37 AM )
बांके बिहारी के भक्तों को योगी सरकार का तोहफा, 16.75 किमी लंबे वृंदावन बाईपास को दी मंजूरी
लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार काफी सक्रिय है। धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में योगी सरकार ने वृंदावन में 16.75 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण को हरी झंडी दी है, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विकास परियोजनाओं को गति
वृंदावन बाईपास का निर्माण पीएम गति शक्ति योजना के तहत प्रस्तावित है। इसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और साथ ही व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है। वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालु इस बाईपास से जाम और यातायात की समस्याओं से राहत पाएंगे। प्रस्तावित बाईपास की योजना को नई दिल्ली में आयोजित नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की 81वीं बैठक में मंजूरी दी गई थी। इस परियोजना के तहत वृंदावन को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से जोड़ा जाएगा, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

वाणिज्य और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
इस बाईपास से न केवल पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वृंदावन और उसके आसपास के इलाकों में वाणिज्य और उद्योग भी तेजी से विकसित होंगे। वृंदावन का यह बाईपास औद्योगिक गतिविधियों के लिए नए रास्ते खोलेगा, क्योंकि इस बाईपास से नजदीकी शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों तक सामान और सेवाएं तेज़ी से पहुंचाई जा सकेंगी।

इसके अलावा, परियोजना से स्थानीय छोटे और बड़े व्यापारियों को भी फायदा होगा। वृंदावन और मथुरा के आसपास का क्षेत्र पर्यटन और धार्मिक महत्व के कारण पहले से ही व्यस्त है, और इस बाईपास से इन क्षेत्रों के लिए और अधिक पर्यटकों का आगमन होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचेगा।

वृंदावन बाईपास का एक प्रमुख उद्देश्य यातायात के दबाव को कम करना है। वृंदावन और मथुरा में यातायात का अत्यधिक बोझ है, खासकर त्योहारों और धार्मिक अवसरों के दौरान। इस बाईपास से यात्री अपनी यात्रा को ज्यादा सहज और तेज़ी से पूरा कर सकेंगे। सामान्य तौर पर जो यात्रा 1.5 घंटे में पूरी होती थी, अब केवल 15 मिनट में संभव होगी। वृंदावन, मथुरा और गोवर्धन जैसे स्थलों का धार्मिक महत्व होने के कारण, इन स्थानों पर सालभर देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। वृंदावन बाईपास इन यात्रियों के लिए भी सुविधाजनक साबित होगा, क्योंकि इससे उनके यात्रा के समय में कमी आएगी और वे बिना किसी रुकावट के आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इस योजना के तहत वृंदावन में आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा वृंदावन बाईपास जैसी परियोजनाओं पर जोर देने से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन के विकास को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास के नए आयाम खोलेगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी।
Source: IANS

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