Yogi Adityanath का ऐलान- जिन्हें घंटे-शंख से परेशानी है वो कान बंद कर लें

गुंडे बदमाशों को सबक सिखाने के साथ ही सनातन धर्म के लिए आवाज उठाने में भी योगी पीछे नहीं हटते हैं जिसका एक उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब योगी ने डंके की चोट पर ये ऐलान कर दिया कि जिन्हें मंदिर के घंटे और शंख से परेशानी होती है, वो अपने कान बंद कर लें !

Yogi Adityanath का ऐलान- जिन्हें घंटे-शंख से परेशानी है वो कान बंद कर लें
बात गुंडे बदमाशों और माफियाओं पर लगाम लगाने की हो। या फिर सनातन धर्म के लिए दहाड़ने की हो। उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे बीजेपी के फायरब्रांड नेता Yogi Adityanath एक ऐसे नेता हैं। जो दहाड़ते हैं तो पूरा देश सुनता है। जिनकी सरकार कोई एक्शन लेती है तो उसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देती है।यही वजह है कि योगी आदित्यनाथ को मोदी के बाद बीजेपी का दूसरा सबसे दमदार नेता बताया जा रहा है। क्योंकि गुंडे बदमाशों को सबक सिखाने के साथ ही सनातन धर्म के लिए आवाज उठाने में भी योगी पीछे नहीं हटते हैं। जिसका एक उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब योगी ने डंके की चोट पर ये ऐलान कर दिया कि। जिन्हें मंदिर के घंटे और शंख से परेशानी होती है, वो अपने कान बंद कर लें।


उत्तर प्रदेश से जिनका नाता रहा है। या फिर जो उत्तर प्रदेश में रहते हैं। वो ये बात भी अच्छी तरह से जानते होंगे कि एक वक्त ऐसा भी था जब अखिलेश सरकार ने सड़क पर निकलने वाली कांवड़ यात्रा में डीजे बजाने पर रोक लगा दी थी। लेकिन मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर पर कोई रोक नहीं लगाई थी। और ना ही सड़क पर नमाज पढ़े जाने पर कोई पाबंदी लगाई थी।लेकिन जब भगवाधारी योगी आदित्यनाथ ने यूपी की सत्ता संभाली तो डीजे के साथ कांवड़ यात्रा भी निकलने लगी।सड़क पर नमाज पढ़ना भी बंद हो गया। और मस्जिदों से लाउडस्पीकर भी हटा दिये गये। ये बदलाव आता है। जब कोई भगवाधारी सत्ता संभालता है।

योगी के सत्ता में आने के बाद अब तो यूपी में जब भी कांवड़ यात्रा निकलती है। खुद सीएम योगी कांवड़ियों पर फूल भी बरसाते हैं। ये बदलाव आया है योगी के सत्ता में आने के बाद। इसी बदलाव का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने देश को संदेश भी दे दिया कि हम विरासत का सम्मान भी करते हैं और विकास का काम भी कराते हैं।

जिस अंदाज में योगी आदित्यनाथ दहाड़ते हैं। विरोधियों पर बरसते हैं। क्या इससे पहले किसी मुख्यमंत्री को इस तरह से बोलते हुए सुना है।शायद नहीं सुना होगा। क्योंकि हिंदुओं के लिए आवाज उठाने से कुछ सो कॉल्ड सेकुलर नेताओं का सेकुलरिज्म खतरे में पड़ जाता है। और उनका एक खास वोट बैंक नाराज हो जाता है। शायद यही वजह है कि जिस तरह से योगी हिंदुओं के लिए डंके की चोट पर बोलते हैं।उस तरह से कोई नेता बोलना से बचता है। लेकिन योगी तो ठहरे योगी। जो डंके की चोट पर कहते हैं।मुसलमानों से मेरा रिश्ता वही है।जो रिश्ता उनका मुझसे है। 

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