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गाजियाबाद में खुला यशोदा मेडिसिटी अस्पताल, अब यूपी के लोगों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण और संचालन से 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है. इसमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं.

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27 Oct 2025
( Updated: 10 Dec 2025
09:57 PM )
गाजियाबाद में खुला यशोदा मेडिसिटी अस्पताल, अब यूपी के लोगों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली
Image Source: Social Media

Yashoda Medicity Hospital: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम में बने यशोदा मेडिसिटी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में कहा कि उत्तर प्रदेश हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि यशोदा मेडिसिटी सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान है. इस अत्याधुनिक अस्पताल का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल भी मौजूद रहीं.

डबल इंजन सरकार का लक्ष्य, हर नागरिक को बेहतर इलाज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार का उद्देश्य हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. उन्होंने बताया कि सरकार राज्य में हेल्थकेयर क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और निवेश को बढ़ावा दे रही है. योगी ने कहा, “भारतीय परंपरा कहती है - शरीरमाध्यमं खलु धर्मसाधनम्, यानी स्वस्थ शरीर ही जीवन के सभी उद्देश्यों को पूरा करने का माध्यम है.”

एक ही छत के नीचे मिलेगी सभी सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी की शुरुआत से एनसीआर और पूरे उत्तर प्रदेश के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. अब मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली के बड़े अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यह अस्पताल सुपर स्पेशलिटी सेवाओं, अत्याधुनिक कैंसर उपचार तकनीक और विश्वस्तरीय मेडिकल उपकरणों से लैस है. योगी ने कहा कि यह संस्थान एक ही छत के नीचे सभी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करेगा, जिससे मरीजों को इलाज में आसानी होगी. 

तीन साल में तैयार हुआ वर्ल्ड क्लास अस्पताल

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2022 के निवेशक सम्मेलन के दौरान यशोदा अस्पताल समूह ने इन्वेस्ट यूपी के साथ इस परियोजना के लिए एमओयू किया था. डॉक्टर पी.एन. अरोड़ा और डॉक्टर उपासना अरोड़ा के नेतृत्व में मात्र तीन वर्षों में यह वर्ल्ड क्लास मेडिसिटी बनकर तैयार हो गई. उन्होंने कहा कि इतने कम समय में इतना बड़ा अस्पताल तैयार होना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में अब निवेश का माहौल और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों तेजी से विकसित हो रहे हैं.

 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण और संचालन से 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है. इसमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने हेल्थ सेक्टर में ऐतिहासिक सुधार किए हैं, और उत्तर प्रदेश ने भी इस दिशा में उल्लेखनीय काम किया है. राज्य में अब तक 42 नए मेडिकल कॉलेज खोले जा चुके हैं, जबकि गोरखपुर और रायबरेली में दो एम्स सफलतापूर्वक चल रहे हैं.

राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री को दिया धन्यवाद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष और सफलता की कहानी पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी ने यह दिखाया है कि शून्य से शिखर तक की यात्रा मेहनत और समर्पण से संभव है. योगी ने छठ पर्व की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम में शामिल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी आभार जताया और कहा कि वे हमेशा उत्तर प्रदेश के विकास के लिए मार्गदर्शन देते रहते हैं.

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