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नवाज शरीफ ने भारत-पाक रिश्तों पर क्यों कहा- 75 और सालों को बर्बाद नहीं होने चाहिए

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हाल ही में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों को अतीत की गलतियों को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने वाजपेयी के समय की बातों को याद करते हुए कहा कि एक समय भारत ने पाकिस्तान से बिजली खरीदने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने पीएम मोदी के पाकिस्तान दौरे का भी जिक्र किया।

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17 Oct 2024
( Updated: 11 Dec 2025
04:12 AM )
नवाज शरीफ ने भारत-पाक रिश्तों पर क्यों कहा- 75 और सालों को बर्बाद नहीं होने चाहिए
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हाल ही में भारत-पाक संबंधों पर अपनी राय व्यक्त की, जिसमें उन्होंने बीते 75 सालों को "बर्बाद" करार दिया और कहा कि अब दोनों देशों को भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। शरीफ ने अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी के साथ अपने अनुभवों को साझा करते हुए शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की बात की। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सिर्फ राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी गहरे हैं।
बीते 75 सालों को क्यों कहा 'बर्बाद'?
शरीफ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को अतीत को पीछे छोड़ते हुए एक नई शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि 75 सालों में दोनों देशों के रिश्तों में तनाव, संघर्ष और युद्ध देखे गए हैं, लेकिन अब 75 और सालों को बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, भविष्य की चुनौतियां, जैसे एनर्जी संकट और क्लाइमेट चेंज, दोनों देशों के लिए समान हैं और इन्हें मिलकर हल किया जा सकता है।

वाजपेयी के साथ पुरानी यादें

शरीफ ने अटल बिहारी वाजपेयी के समय का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान से बिजली खरीदने की बात की थी, जब भारत में बिजली की कमी थी। यह बातचीत दोनों देशों के बीच एक बेहतर भविष्य के संकेत के रूप में देखी जा सकती है। शरीफ ने यह भी कहा कि वाजपेयी ने हमेशा शांति और सहयोग पर जोर दिया, और यह एक ऐसे रिश्ते की नींव थी जो दोनों देशों के बीच द्वेष को कम कर सकता था।
मोदी से मुलाकात: एक सुखद आश्चर्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए नवाज शरीफ ने उनकी रावलपिंडी यात्रा को "सुखद आश्चर्य" बताया। उन्होंने कहा कि मोदी ने उनके घर आकर न केवल उनसे बल्कि उनकी मां से भी लंबी बातचीत की, जो पाकिस्तान-भारत रिश्तों में एक नई पहल की तरह था। शरीफ ने इसे एक बड़ा कदम बताया, जो दोनों देशों के रिश्तों को सुधारने में मदद कर सकता था।

नवाज शरीफ ने अपने पारिवारिक इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि उनके पिता का जन्म अमृतसर में हुआ था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के लोग एक ही संस्कृति, भाषा, और परंपराओं को साझा करते हैं। भले ही राजनीतिक रिश्ते अच्छे न हों, लेकिन दोनों देशों के लोगों के बीच का संबंध हमेशा से मजबूत रहा है।

इमरान खान पर निशाना

पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ ने इमरान खान की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के खिलाफ अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया, जिसने रिश्तों को और खराब कर दिया। शरीफ ने कहा कि नेताओं को ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए जो तनाव को बढ़ावा दे, बल्कि उन्हें ऐसे शब्दों का चयन करना चाहिए जो शांति और सहयोग को बढ़ावा दें।

भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्ते हमेशा से ही जटिल रहे हैं, लेकिन नवाज शरीफ का यह बयान इस ओर इशारा करता है कि दोनों देशों के पास अब भी एक बेहतर भविष्य की संभावनाएं हैं। अतीत के मतभेदों को पीछे छोड़कर, अगर दोनों देश शांति और विकास के रास्ते पर बढ़ें, तो वे 75 साल की गलतियों को सुधार सकते हैं और आने वाले वर्षों में मिलकर नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

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