कौन हैं मोहम्मद मंजूर शाह जिनकी पीठ थपथपाने वाले PM Modi बोले- मेरे पास घर नहीं है लेकिन…!

राजधानी दिल्ली में पीएम मोदी ने झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले गरीबों को सौंपी पक्के मकान की चाभी तो दिखी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की झलक, मोहम्मद मंजूर शाह को भी खुद पीएम मोदी ने अपने हाथों से दी घर की चाबी

कौन हैं मोहम्मद मंजूर शाह जिनकी पीठ थपथपाने वाले PM Modi बोले- मेरे पास घर नहीं है लेकिन…!

देश की सत्ता संभाल रहे पीएम मोदी को आज भी मुसलमान विरोधी बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती है। बात चाहे कांग्रेस की हो या ओवैसी जैसे नेताओं की, तमाम सियासी पार्टियां मोदी को मुस्लिम विरोधी बताने का एजेंडा चलाती रहती हैं। लेकिन इसके बावजूद पीएम मोदी तमाम आरोपों की परवाह किए बिना लगातार "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास" के तहत काम करने में लगे हुए हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण राजधानी दिल्ली में देखने को मिला, जब पीएम मोदी ने खुद अपने हाथों से एक मुस्लिम लाभार्थी को घर की चाबी सौंपी।

दरअसल, साल 2014 में जब पहली बार पीएम मोदी ने देश की सत्ता संभाली, तो उनकी सरकार के खिलाफ सियासी अभियान चलाया गया कि देश में मुस्लिम विरोधी सरकार आ गई है। लेकिन पीएम मोदी ने अपने काम के दम पर साबित किया कि उनकी सरकार "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास" की नीति पर चलने वाली सरकार है, जिसका असर सरकारी योजनाओं में भी देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि राजधानी दिल्ली में, जहां झुग्गी, वहां मकान योजना के तहत जब तीन जनवरी को खुद पीएम मोदी ने गरीबों को स्वाभिमान अपार्टमेंट्स में पक्के घर की चाबी दी, तो इस दौरान जहां हिंदू लाभार्थियों को घर की चाबी सौंपी गई, वहीं मुस्लिम लाभार्थी मोहम्मद मंजूर शाह और उनकी पत्नी अमीना बेगम को भी पीएम मोदी ने खुद अपने हाथों से चाबी दी और बड़े ही प्यार के साथ उनकी पीठ भी थपथपाते हुए नजर आए।

पीएम मोदी के हाथों पक्के घर की चाबी लेने वाले मोहम्मद मंजूर शाह पहले अशोक विहार के जेलरवाला बाग इलाके में ही झुग्गी में रहते थे, जहां ये स्वाभिमान अपार्टमेंट्स बनकर तैयार हुआ है। यही वजह है कि पीएम मोदी ने उन्हें भी अपने हाथों से पक्के मकान की चाबी सौंपी। और इसके बाद जब लाभार्थियों से बात की, तो पीएम मोदी इस दौरान खुद भावुक नजर आए और कहने लगे, "मेरा खुद का घर तो नहीं है, लेकिन चलिए, आप लोगों को घर मिल गया।" जिस पर महिलाएं भी कहने लगीं, "नहीं सर, आपका भी यह घर है, हम लोग आपका परिवार हैं।"

झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को दिया जा रहा यह घर भी कम शानदार नहीं है। इस स्वाभिमान अपार्टमेंट्स में कई आधुनिक सुविधाएं हैं, जैसे:

  • बिजली, पानी और रसोई गैस के कनेक्शन उपलब्ध हैं।
  • एक हेल्थ सेंटर, लिफ्ट और बच्चों का पार्क भी है।
  • प्राकृतिक रोशनी और हवा का ध्यान रखा गया है।
  • अपार्टमेंट्स के कमरे भी हवादार और रोशन हैं।
  • सरकार ने एक फ्लैट पर 25 लाख रुपये खर्च किए हैं।
  • लाभार्थी को सिर्फ 7% भुगतान करना होता है।
  • 30 हजार रुपये 5 साल के रखरखाव के लिए देना होगा।

दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी डीडीए की ओर से बनाए गए ये फ्लैट पीएम मोदी के "सबके लिए आवास" के वादे को दर्शाते हैं, क्योंकि देश की सत्ता संभाल रहे पीएम मोदी का लक्ष्य है कि हर गरीब के पास अपना मकान होना चाहिए, जिसके लिए मोदी सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना भी चला रही है। इसके तहत लोगों के लिए मकान बनाने के साथ ही उन्हें आर्थिक मदद भी दी जाती है। और सबसे बड़ी बात तो यह है कि सरकार की इन योजनाओं का लाभ लोगों को बिना किसी भेदभाव के दिया जाता है। लेकिन इसके बावजूद जब चुनाव आता है, तो एक खास वर्ग बीजेपी को वोट देने से बचता है।


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