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कौन हैं UP STF के वो 5 जवान जिन्हें मिलेगा वीरता पुरस्कार ?

UP Police की Special Unit STF के पांच जवानों को इस बार मिलेगा वीरता पुरस्कार, जानिये कौन है योगी के वो पांच पुलिसकर्मी जिन्हें मिलेगा ये खास सम्मान ?

कौन हैं UP STF के वो 5 जवान जिन्हें मिलेगा वीरता पुरस्कार ?

उत्तर प्रदेश के भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साल 2017 में पहली बार सत्ता संभाली थी और उसी वक्त गुंडे बदमाशों और माफियाओं को वॉर्निंग दे दी थी कि या तो वो उत्तर प्रदेश छोड़ दें, नहीं तो उनके लिए दो ही जगह है, एक जेल, और दूसरी जगह वो जाना नहीं चाहेंगे।सत्ता संभालते ही सीएम योगी ने जिस कड़क अंदाज में गुंडे बदमाशों को वॉर्निंग दी थी, उसे सूबे के पुलिस अफसरों ने भी गंभीरता से लिया और बड़े से बड़े गुंडे बदमाशों और माफियाओं को उनके अंजाम तक पहुंचाने का जो सिलसिला शुरू किया, वो योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी ताबड़तोड़ जारी है, और अब तक दो सौ से ज्यादा अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया तो वहीं साढ़े सात हजार से भी ज्यादा अपराधियों को पैर में गोली मारी गई, और इस मिशन में स्पेशल टास्क फोर्स यानि STF के जिन पुलिस अफसरों ने बड़ी भूमिका निभाई है, उनमें पांच नाम ऐसे हैं जिन्हें इस बार भारत सरकार वीरता पुरस्कार से नवाजेगी।

अमित श्रीवास्तव और अंगद सिंह यादव

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे एसटीएफ फील्ड इकाई के निरीक्षक अमित श्रीवास्तव और उपनिरीक्षक अंगद सिंह यादव ने साल 2021 के 13 सितंबर के दिन चौबेपुर थाने में एक एनकाउंटर में बड़ी भूमिका निभाई थी।

इस एनकाउंटर में मुन्ना बजरंगी गैंग का शार्प शूटर और 1 लाख रुपये के इनाम का बदमाश दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू घायल हो गया था जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था, दीपक वर्मा पर लूट, हत्या समेत कई गंभीर अपराधों के दो दर्जन से अधिक मामले कई जिलों में दर्ज थे।

इस एनकाउंटर के लिए पुलिस अफसर अमित श्रीवास्तव और अंगद सिंह यादव को वीरता पदक से सम्मानित किया जायेगा, जो उनके शानदार कार्य और अपराधियों के खिलाफ उनकी कठोरता को दर्शाता है।

राजन कुमार, देवदत्त सिंह, रितुल कुमार वर्मा

उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्धनगर यानि नोएडा में STF की फील्ड इकाई में मुख्य आरक्षी की कमान संभाल रहे राजन कुमार, देवदत्त सिंह और रितुल कुमार वर्मा को भी वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा, इन तीनों पुलिसकर्मियों ने

26 अक्टूबर 2020 को मथुरा के थाना नौहझील क्षेत्र में एसटीएफ टीम और अपराधियों के बीच हुई एक और साहसिक मुठभेड़ में बड़ी भूमिका निभाई थी, इस मुठभेड़ में यमुना एक्सप्रेस-वे पर डकैती और लूट की घटनाओं में शामिल अपराधी अनिल उर्फ अमित उर्फ जूथरा घायल हो गया था जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी, लूट, हत्या समेत कई आरोप में वॉन्टेड बदमाश अनिल पर 2 लाख रुपये का इनाम था।

जिसे एनकाउंटर में ढेर करने वाले मुख्य आरक्षी राजन कुमार, देवदत्त सिंह और रितुल कुमार वर्मा को उनकी बहादुरी और साहस के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।

क्या है STF?

स्पेशल टास्क फोर्स यानि STF का गठन 4 मई 1998 को किया गया था, ये पुलिस विभाग की एक खास यूनिट होती है जिसका काम गुंडे बदमाशों और माफियाओं के खिलाफ बड़े ऑपरेशन को अंजाम देना होता है, कहते हैं इसके गठन का विचार कुुख्यात माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला पर शिकंजा कसने के लिए आया था, जो कितना बड़ा माफिया था, इसी बात से समझ सकते हैं कि उसने एक बार उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हत्या की सुपारी ले ली थी, हालांकि STF ने उसे पहले ही ढेर कर दिया था, इसके अलावा विकास दुबे को भी STF ने ही एनकाउंटर में मार गिराया था, यही वजह है कि STF के नाम से ही गुंडे बदमाशों की रूह कांपती है, ऐसे ताकतवर STF के पांच जवानों को इस बार वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा

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