Advertisement

जब स्वामी विवेकानंद का जिक्र कर CM योगी ने विपक्ष को दिखाया आईना !

Gorakhpur में योगी आदित्यनाथ ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला

Author
13 Jan 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:10 AM )
जब स्वामी विवेकानंद का जिक्र कर CM योगी ने विपक्ष को दिखाया आईना !
चुनावों से पहले राजनीतिक पार्टियां मौसम की तरह अपनी विचारधारा बदलने लगती हैं और एक दूसरे पर चुनावी हिंदू चुनावी मुस्लिम होने जैसे आरोप लगाती रहती हैं। खुद को सेक्युलर कहने वाले ये नेता थाली के बैंगन जैसे होते हैं कभी इधर लुढ़के तो कभी उधर। लेकिन एक नेता जो हमेशा अपनी विचारधारा पर तटस्थ रहने वाले और सनातन के शिरमौर रहे वो हैं योगी आदित्यनाथ। इस बार उन्होंने स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए विपक्ष को घेरा। और कहा गर्व से कहो हम हिंदू हैं।

दरअसल, CM योगी ने स्वामी विवेकानंद की जंयती पर गोरखपुर में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान योगी ने कहा, जब देश गुलाम था तब स्वामी विवेकानंद ने कहा था गर्व से कहो हम हिंदू हैं लेकिन, जो लोग अपने पीछे सेक्युलरिज्म का ठप्पा लगाते हैं, वह इस बात को कैसे स्वीकार कर सकते हैं। 


CM योगी ने हिंदुत्व की ताकत को समझाने के लिए स्वामी विवेकानंद के विचारों को श्रेय दिया। साथ ही इशारों ही इशारों में उस विपक्ष को भी वाजिब जवाब दिया जो अपना वोट बैंक साधने के लिए सेक्युलरिज्म का ढोंग करते हैं। योगी ने याद दिलाया कि, एक तरफ स्वामी विवेकानंद थे जिन्होंने विदेश में हिंदुत्व का नारा बुलंद किया दूसरी ओर एक हिंदू बहुल देश में राजनीतिक रोटियां सेकने और राजनीति चमकाने के लिए कुछ नेता अपने हिंदू होने पर ही शर्म करते हैं यहां तक कि उनकी राजनीति भी एक धर्म को खुश करने तक होती है और इसे वो सेक्युलरिज्म करार दे देते हैं। जबकि हिंदुत्व धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को साथ लेकर चलता है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब साल 2024 को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन हुआ था। उस वक्त राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में जहां पूरी दुनिया से आए दिग्गज इस भव्य और गौरवान्वित कार्यक्रम के गवाह बने वहीं, विपक्ष की कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, TMC और लेफ्ट समेत कई दलों ने दूरी बना ली। और तो और उन्होंने इसे सियासी कार्यक्रम बता दिया। इस ऐतिहासिक मौके पर भी ओवैसी जैसे विपक्षी नेताओं को बाबर याद रहे लेकिन राम नहीं। 

कुछ नेताओं ने तो राम की अवधारणा को ही नकार दिया था।यहां तक कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के एक साल पुरे होने के मौके पर भी विपक्ष ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तक नहीं किया। क्योंकि उनका वोट बैंक एक खास धर्म तक रह गया। विपक्ष ने हमेशा BJP को एक हिंदुत्ववादी पार्टी माना औऱ आरोप लगाया कि वो सेक्युलरिज्म के लिए खतरा है लेकिन उसी BJP ने समान नागरिकता को संविधान से जोड़कर विपक्ष के सेक्युलर वाले राग को भी ठंडा कर दिया और अब CM योगी ने भी सेक्युलरिज्म पर विपक्ष को फिर एक बार आईना दिखा दिया। 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें