Advertisement

Sonia और Rahul के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट तो Akhilesh बोले ED विभाग ही बंद कर दो !

कांग्रेस के दो बड़े नेता सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दायर हुई तो कांग्रेस कार्यकर्ता इस कदर बौखला गए हैं कि पूरे देश में सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सपाई मुखिया अखिलेश यादव ने तो अलग ही राग छेड़ दिया है कि जिस ED ने चार्जशीट दाखिल की है, उस ED जैसे विभाग को ही खत्म कर देना चाहिए !

Sonia और Rahul के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट तो Akhilesh बोले ED विभाग ही बंद कर दो !
आजादी से पहले 1938 में जवाहर लाल नेहरू ने जिस नेशनल हेराल्ड की स्थापना की थी. आज उसी नेशनल हेराल्ड की वजह से गांधी परिवार बुरी तरह फंस गया है. क्योंकि नेशनल हेराल्ड से जुड़े केस में प्रवर्तन निदेशालय यानि ED ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. और सबसे बड़ी बात ये है कि ये चार्जशीट भी किसी छोटे मोटे नेता के खिलाफ दायर नहीं की गई है. ये चार्जशीट कांग्रेस के दो बड़े नेता सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी के खिलाफ दायर की है. जिससे कांग्रेस कार्यकर्ता इस कदर बौखला गए हैं कि पूरे देश में सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ सपाई मुखिया अखिलेश यादव ने तो अलग ही राग छेड़ दिया है कि जिस ED ने राहुल और सोनिया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. उस ED जैसे विभाग को ही खत्म कर देना चाहिए.

दरअसल 1956 में तत्कालीन नेहरू सरकार ने ही मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों को रोकने और और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों को रोकने के लिए प्रवर्तन निदेशालय यानि ED की स्थापना की थी. और आज उसी ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार के दो बड़े नेता. सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. जिसके खिलाफ पूरे देश में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर ED की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन में शामिल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस मामले में कूद पड़े और उन्होंने तो कांग्रेस पर ही तंज मारते हुए यहां तक कह दिया कि कांग्रेस ने ही ईडी बनाई थी और आज ईडी की वजह से उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ईडी जैसे विभाग को समाप्त कर देना चाहिए.

सोनिया और राहुल के खिलाफ ईडी के एक्शन के बाद सपाई मुखिया अखिलेश यादव का बयान बता रहा है कि वो चाहते हैं जिस ईडी ने गांधी परिवार के खिलाफ एक्शन लिया. उस ईडी को ही खत्म कर देना चाहिए. तो क्या इसका मतलब ये है कि पुलिस अगर नेताओं के खिलाफ एक्शन लेती है तो पुलिस विभाग ही खत्म कर देना चाहिए ?  अदालतें अगर नेताओं के खिलाफ आदेश सुनाती हैं तो अदालतें ही खत्म कर देनी चाहिए ? CBI अगर नेताओं के खिलाफ एक्शन लेती है तो फिर CBI विभाग ही बंद कर देना चाहिए ? 


ऐसा ही रहा तो पूरे देश की व्यवस्थाएं ही तहस नहस हो जाएंगी.  खुद मुख्यमंत्री रह चुके अखिलेश जैसे बड़े नेता को तो ये कहना चाहिए था कि जब ईडी ने चार्जशीट दाखिल किया है तो राहुल गांधी और सोनिया गांधी को जांच में पूरी मदद करनी चाहिए. और अगर वो बेकसूर हैं तो खुद ही बाइज्जत बरी हो जाएंगे. और अगर दोषी पाए जाएंगे तो बाकी दोषियों की तरह उन्हें भी सजा भुगतनी चाहिए. लेकिन नहीं. अखिलेश यादव तो ईडी विभाग ही बंद करवाना चाहते हैं. क्योंकि उसने गांधी परिवार के दो बड़े नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. क्या इससे पहले देश के किसी बड़े नेता के खिलाफ किसी जांच एजेंसी ने कोई कार्रवाई नहीं की है. आपको याद होगा साल 2002 में हुए गुजरात दंगे के मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित की गई SIT ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से कई बार पूछताछ की थी. और हर बार उन्होंने जांच में पूरा सहयोग भी दिया था. कभी SIT का विरोध नहीं किया. और आज वही नरेंद्र मोदी गुजरात दंगे के आरोप से भी बरी हो गये. और साल 2014 से लगातार तीसरी बार देश की सत्ता भी संभाल रहे हैं. जब मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी जांच में पूरी तरह से सहयोग कर सकते हैं तो क्या गांधी परिवार ED से भी बड़ा हो गया है. उसे जांच में सहयोग नहीं करना चाहिए. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें