Waqf Amendment Bill : ओ.पी. राजभर ने विपक्ष पर साधा निशाना ,कहा - "यह वोट की राजनीति है। उन्हें मुस्लिम वोट खोने का डर है"

Waqf Amendment Bill : ओ.पी. राजभर ने विपक्ष पर साधा निशाना ,कहा - "यह वोट की राजनीति है। उन्हें मुस्लिम वोट खोने का डर है"

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02 Apr 2025
( Updated: 09 Dec 2025
11:39 AM )
Waqf Amendment Bill  : ओ.पी. राजभर ने विपक्ष पर साधा निशाना ,कहा - "यह वोट की राजनीति है। उन्हें मुस्लिम वोट खोने का डर है"
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया। विपक्ष के नेताओं ने विधेयक का कड़ा विरोध किया। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष ओ.पी. राजभर ने विपक्ष की आलोचना करते हुए उन पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। 

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए ओ.पी. राजभर ने कहा, "यह वोट की राजनीति है। उन्हें मुस्लिम वोट खोने का डर है, इसलिए वे विधेयक का विरोध कर रहे हैं। सच्चाई जनता के सामने पेश की जानी चाहिए। चाहे कांग्रेस का नेता हो या समाजवादी पार्टी का, तथ्यों से अवगत कराया जाना चाहिए। मुसलमानों में बड़े पैमाने पर अशिक्षा है, जिसका कांग्रेस, सपा और बसपा नफरत फैलाकर फायदा उठाती हैं।"

विधेयक के प्रावधानों को समझाते हुए राजभर ने कहा, "निजी संपत्ति को अगर वक्फ अपना दावा करता है, तो वक्फ ट्रिब्यूनल में ही इसका फैसला हो जाता है। निजी संपत्ति वालों का कहना है कि हमें ऊपरी अदालत में भी जाने का मौका मिले। सरकार वक्फ बिल में यह व्यवस्था कर रही है। नए बिल में इसका प्रावधान किया गया है कि वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को लेकर लोग अदालत में जा सकते हैं। लेकिन विरोध करने वाले इस पर आपत्ति जता रहे हैं। पुराने बिल में प्रावधान है कि वक्फ बोर्ड कमेटी में महिलाएं, गैर-मुस्लिम नहीं रहेंगे। नए बिल में सरकार चाह रही है कि दो महिलाओं और दो गैर-मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व हो जाए।"

किरेन रिजिजू के लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करते ही विपक्षी सांसदों ने विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उन्हें बिल की प्रति देर से प्राप्त हुई, जिसके कारण समीक्षा के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।

कांग्रेस के नेताओं ने चर्चा के दौरान कहा कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण बिल को जल्दबाजी में पेश किया है और विपक्ष को इस पर चर्चा के लिए उचित अवसर नहीं दिया गया। बिल पेश होने के बाद सदन में हंगामे की स्थिति देखी गई, क्योंकि विपक्षी सांसदों ने अपनी नाराजगी जाहिर की।

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि संयुक्त संसदीय समिति ने विधेयक पर आवश्यक विचार-विमर्श नहीं किया। शुरू से ही सरकार का इरादा एक ऐसा कानून पेश करने का रहा है जो असंवैधानिक, अल्पसंख्यक विरोधी और राष्ट्रीय सद्भाव को बाधित करने वाला है।

Input: IANS

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