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सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी': मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टोल फ्री नंबर 1064 के साथ भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करने का लिया संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी” अभियान के तहत भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का संकल्प दोहराया है. इसी के साथ सरकार ने टोल फ्री नंबर 1064 जारी कर जनता को भ्रष्टाचार की शिकायतें सीधे दर्ज कराने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है, जिससे प्रशासन में पारदर्शिता बढ़े और भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के सपने को मजबूती मिले.

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27 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
02:01 AM )
सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी': मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टोल फ्री नंबर 1064 के साथ भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करने का लिया संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून सचिवालय में 'सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी' थीम पर आधारित जन जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया. यह अभियान उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस, 9 नवंबर तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा दिलाई, जिससे प्रशासन में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ावा मिले.

सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के प्रणेता लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को याद किया. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपना जीवन देश की एकता, अखंडता और सशक्तिकरण के लिए समर्पित किया. उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो उनकी विरासत को सम्मान देने का एक प्रयास है.

भ्रष्टाचार मुक्त भारत का संकल्प

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'भ्रष्टाचार मुक्त भारत' का न केवल संकल्प लिया, बल्कि इसे धरातल पर उतारने के लिए ठोस कदम भी उठाए हैं. उनके नेतृत्व में देश में एक नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है, जिसमें शासन-प्रशासन को पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाया गया है. उत्तराखंड सरकार भी इस दिशा में पूरे समर्पण के साथ कार्य कर रही है.

जीरो टॉलरेंस की नीति

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि राज्य गठन के बाद सतर्कता विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 339 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. पिछले तीन वर्षों में 78 भ्रष्टाचारियों और अन्य मामलों में 27 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है.

टोल फ्री नंबर 1064 : 

राज्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए टोल फ्री नंबर 1064 संचालित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में इस नंबर पर लगभग 10,000 शिकायतें दर्ज की गईं. इनमें से 62 शिकायतों पर ट्रैप कार्रवाई और 4 शिकायतों पर खुली जांच की गई है. यह सुविधा आम लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का एक आसान और प्रभावी माध्यम प्रदान करती है.

भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, "जो भी भ्रष्टाचार में लिप्त होगा, वह सलाखों के पीछे होगा. " इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागों से इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया ताकि जनता में सतर्कता और जागरूकता बढ़े.

मुख्य सचिव का संदेश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस अवसर पर कहा कि समाज और प्रशासन को मजबूत करने के लिए सभी कर्मचारियों का सत्यनिष्ठ, ईमानदार और अनुशासित होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि कार्य के प्रति अनुशासन भ्रष्टाचार को स्वतः समाप्त कर देता है. पिछले चार वर्षों में मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में भ्रष्टाचार के खिलाफ सराहनीय प्रयास किए गए हैं. 

कार्यक्रम में उपस्थित गण

मान्य व्यक्तिइस अवसर पर डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल फैनई, निदेशक सतर्कता वी मुरूगेशन, सचिव और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. यह कार्यक्रम भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता और सतर्कता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है.

यह सतर्कता जागरूकता अभियान उत्तराखंड में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने और शासन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है, और जनता से भी इस अभियान में सहयोग की अपेक्षा की जा रही है. 

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