Advertisement

‘ट्रंप और नेतन्याहू भरोसे के लायक नहीं…’ सीजफायर के बाद भारत में ईरानी राजदूत का दोनों पर फूटा गुस्सा

इजरायल-ईरान के बीच सीजयफायर का ऐलान हो गया है. ऐसे में भारत में ईरान के राजदूत डॉ. इराज इलाही ने बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा, 'नेतन्याहू भरोसेमंद नहीं हैं, उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रमण किया और रिहायशी इलाकों, एंबुलेंस, अस्पतालों को भी निशाना बनाया. ट्रंप खुद विश्वसनीय नहीं हैं. हम इस आक्रामकता की उम्मीद कर रहे थे. बचाव और जवाब देने की तैयारी कर रहे थे.'

Author
24 Jun 2025
( Updated: 10 Dec 2025
01:38 PM )
‘ट्रंप और नेतन्याहू भरोसे के लायक नहीं…’ सीजफायर के बाद भारत में ईरानी राजदूत का दोनों पर फूटा गुस्सा

इजरायल और ईरान के बीच लगभग बारह दिनों से चल रही जंग करीब-करीब खत्म हो गई है. दोनों देशों ने सीजफायर का ऐलान किया है. ऐसे में राजधानी दिल्ली में मौजूद ईरानी राजदूत इराज इलाही ने एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान कई अहम बातें कही है. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू दोनों नेताओं पर निशाना साधते हुए दोनों को ही भरोस के लायक नहीं बताया है.

'नेतन्याहू भरोसेमंद नहीं हैं’
भारत में ईरान के राजदूत डॉ. इराज इलाही ने कहा, 'नेतन्याहू भरोसेमंद नहीं हैं, उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रमण किया और रिहायशी इलाकों, एंबुलेंस, अस्पतालों को भी निशाना बनाया. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानूनों पर ध्यान नहीं दिया. हम इजरायल की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार हैं.' 'ट्रंप खुद यकीन के लायक नहीं...'

ट्रंप पर भी राजदूत ने साधा निशाना
दोनों देशों के बीच सीजफायर करवाने का दावा करने अमेरिका राष्ट्रपति को लेकर ईरानी राजदूत ने कहा, 'ट्रंप खुद यकीन के लायक नहीं हैं. अमेरिका भी भरोसेमंद नहीं है. हम इस आक्रामकता की उम्मीद कर रहे थे. बचाव और जवाब देने की तैयारी कर रहे थे.'राजदूत डॉ. इराज इलाही ने आगे कहा, 'इजराइल अकेले अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के समर्थन के बिना कुछ भी नहीं कर सकता. हम इस जंग में अमेरिका के शामिल होने की उम्मीद कर रहे थे. ईरानी परमाणु सुविधाएं शांतिपूर्ण हैं, मैं यह कहने की स्थिति में नहीं हूं कि अभी स्थिति कैसी है. यह ऐसी चीज है, जिसके लिए रणनीतिक फैसले की जरूरत है.'

'ईरान जंग को बढ़ाना नहीं चाहता...'
डॉ. इराज इलाही ने कहा कि ‘ईरान NPT (परमाणु हथियारों का अप्रसार) का सदस्य है. ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं है. एक गैरकानूनी शासन इजरायल ने ईरान पर इस बहाने हमला किया है कि ईरान ने यूरेनियम को एनरिच किया है. यह हास्यास्पद है. ईरान पर हमला करके इजरायल खित्ते की स्थिरता को प्रभावित कर रहा है.' इजरायल ने ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया है. यह सिर्फ आयरन डोम की बात नहीं थी. इस जंग के वक्त इजरायल में कई अलग-अलग डिफेंस सिस्टम एक्टिव थे, लेकिन इन सबके बावजूद, हमारी मिसाइलें इजरायली इलाके में टारगेट्स तक पहुंच गईं. हमें यकीन है कि हम आसानी से नहीं, लेकिन इजरायल तक पहुंच सकते हैं. ईरान जंग को बढ़ाना नहीं चाहता है लेकिन यह सिर्फ़ एक पक्ष नहीं है. इसके बाद भी उन्हें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और इसमें प्रवेश नहीं करना चाहिए. यही वजह है कि हम अपने पड़ोसियों के साथ संपर्क में थे. सत्ता परिवर्तन की चाहत अमेरिका, इज़राइल और कई अन्य देशों का ख्वाब है लेकिन इस्लामी गणतंत्र ईरान ने दिखाया है कि वह लचीला है.'

‘लोगों की रक्षा के लिए हर विकल्प तलाशेंगे’
होर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने को लेकर राजदूत डॉ. इराज इलाही ने कहा, 'ईरान अपनी संप्रभुता, अपने देश और अपने लोगों की रक्षा के लिए हर विकल्प तलाशेगा लेकिन इसके साथ ही, हम अन्य देशों को किसी भी समस्या में नहीं डालना चाहते हैं. इसलिए हमने संघर्ष की अपनी सीमाओं को इज़रायल तक महदूद रखने की कोशिश की है. ईरान ने दिखाया है कि उसने खुद फैसला लिया है. रूस और चीन, ईरान के करीबी दोस्त हैं. परमाणु मुद्दों के बारे में हमारे बीच घनिष्ठ बातचीत है.'

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें