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बांग्लादेश के जेशोरेश्वरी मंदिर में पीएम मोदी द्वारा भेंट किया मुकुट हुआ चोरी, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2021 में बांग्लादेश के जेसोरेश्वर मंदिर में देवी काली के लिए एक मुकुट भेंट किया था। यह मुकुट चांदी का बना हुआ था और इसकी ऊपरी परत सोने की थी। हाल ही में इस मुकुट की चोरी हो गई, जिससे इसकी सांस्कृतिक और धार्मिक महत्वता पर सवाल उठ गए हैं

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11 Oct 2024
( Updated: 08 Dec 2025
02:51 PM )
बांग्लादेश के जेशोरेश्वरी मंदिर में पीएम मोदी द्वारा भेंट किया  मुकुट हुआ चोरी, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश
दुर्गा पूजा का पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है; यह भारतीय संस्कृति का एक जीवंत प्रतीक है। इस पर्व के दौरान बांग्लादेश में भी धूमधाम से जश्न मनाया जा रहा है। लेकिन इस बार, खुशी के इस माहौल में एक घटना ने सभी का ध्यान खींचा है। बांग्लादेश के सतखिरा जिले के श्यामनगर स्थित प्रसिद्ध जेशोरेश्वरी काली मंदिर से स्वर्ण मुकुट चोरी हो गया है। यह मुकुट भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेंट किया गया था।

स्वर्ण मुकुट की चोरी की घटना
चोरी की यह घटना 10 अक्टूबर को दोपहर 2:47 बजे से 2:50 बजे के बीच हुई। मंदिर के पुजारी दिलीप कुमार बनर्जी ने बताया कि उन्होंने पूजा-पाठ पूरा करने के बाद मंदिर की चाबियाँ रखरखाव के लिए जिम्मेदार रेखा सरकार को सौंप दी थीं। जब रेखा वापस आई, तो उन्होंने देखा कि मां काली का स्वर्ण मुकुट वहां से गायब था। यह खबर जैसे ही फैली, सभी लोग हैरान रह गए।

यह मुकुट विशेष महत्व रखता है, क्योंकि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2021 में बांग्लादेश यात्रा के दौरान जेसोरेश्वर मंदिर में देवी काली के लिए यह मुकुट भेंट किया था। यह मुकुट चांदी का बना हुआ था और इसकी ऊपरी परत सोने की थी।हालांकि, इस मुकुट की कीमत के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन इसकी सोने की परत और चांदी का उपयोग इसे मूल्यवान बनाते हैं। उस समय, पीएम मोदी ने काली मंदिर में देवी को यह मुकुट पहनाया था। मोदी की इस भेंट ने मंदिर को एक नई पहचान दी थी, और अब जब यह मुकुट चोरी हो गया है, तो इसने सभी को चिंतित कर दिया है।

भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया
चोरी की घटना के बाद भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी साझा की और बांग्लादेश सरकार से मामले की जांच करने, मुकुट बरामद करने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह घटना न केवल बांग्लादेश में भारतीय संस्कृति का अपमान है, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर का भी नुकसान है।

वैसे आपको बता दें कि घटना के बाद, स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधिकारी फकीर तैज़ुर रहमान ने कहा, "हम इस मुकुट की बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हम सीसीटीवी फुटेज को देख रहे हैं ताकि हम अपराधी की पहचान कर सकें।" इस चोरी की घटना ने बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के उत्सव को एक काले साए में डाल दिया है। जेशोरेश्वरी मंदिर, जो 51 शक्ति पीठों में से एक है, वहां से मुकुट का चोरी होना एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। यह मंदिर "जेशोर की देवी" के नाम से जाना जाता है और यहां की मान्यता बहुत गहरी है।

इस पूरे मामले ने बांग्लादेश की सांस्कृतिक धरोहर और उसकी सुरक्षा के सवाल को भी उठाया है। क्या हमारी संस्कृति और धार्मिक प्रतीकों को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है? यह सवाल आज हर भारतीय और बांग्लादेशी के मन में घूम रहा है। जेशोरेश्वरी काली मंदिर से चोरी हुआ मुकुट न केवल एक भौतिक वस्तु है, बल्कि यह हमारे विश्वास और परंपराओं का प्रतीक भी है।

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