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SC ने पलटा Patna High Court का फैसला, बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में राजद नेता मुन्ना शुक्ला को उम्रकैद की सजा

पटना हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया है। दरअसल बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने राजद नेता विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला समेत दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुना दी है। पूरी खबर देखिए

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03 Oct 2024
( Updated: 09 Dec 2025
12:17 AM )
SC ने पलटा Patna High Court का फैसला, बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में राजद नेता मुन्ना शुक्ला को उम्रकैद की सजा
Supreme Court ने Patna High court का फैसला पलट दिया है। दरअसल बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही थी। और इसी दौरान Supreme Court ने एक बड़ा फैसला सुनाया। तीन जजोमं की बेंच ने हत्याकांड में शामिल राजद नेता विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला और एक अन्य मंटू तिवारी को दोषि करार करते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। और ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। वहीं इस मामले में लोजपा के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया। 

बता दें कि 1998 में पटना के IGIMS अस्पताल में बृजबिहारी प्रसाद की हत्या कर दी गई थी। बृजबिहारी प्रसाद लालू यादव की पार्टी राजद के वरिष्ठ और दबंग नेताओं में शुमार थे। गैंगवार के कारण उनकी हत्या की गई थी। निचली अदालत ने 2009 में 8 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसके बाद ये मामले पटना हाईकोर्ट पहुंचा जहां साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया गया। फिर उनकी बीजेपी की पूर्व सांसद एवं बृज बिहार प्रसाद की पत्नी रमा देवी और CBI ने हाई कोर्ट के 2014 के आदेश को चुनौती दी थी। मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने 21-22 अगस्त को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। 3 अक्टुबर को न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, संजय कुमार और आर महादेवन की पीठ ने सुनवाई की और Patna High Court  के फैसले को पलट दिया। 

जानकारी देते चले कि 24 जुलाई 2014 को पटना हाईकोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष के सबूतों को देखने के बाद सूरजभान सिंह उर्फ सूरज सिंह, मुकेश सिंह, लल्लन सिंह, मंटू तिवारी, कैप्टन सुनील सिंह, राम निरंजन चौधरी, शशि कुमार राय, मुन्ना शुक्ला और राजन तिवारी संदेह का लाभ पाने के हकदार हैं। इसने अधीनस्थ अदालत के 12 अगस्त 2009 के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें उन्हें दोषी ठहराया गया था और सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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