Advertisement

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर कथावाचक देवकीनंदन ने गंभीर चिंता व्यक्त की

आईएएनएस से बातचीत में कथावाचक देवकीनंदन ने कहा, “मैंने संयुक्त राष्ट्र को भेजे पत्र में बांग्लादेश में हो रहे हिंदू समुदाय के साथ अत्याचार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस पत्र में हमने हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा, लूटपाट, मंदिरों की तोड़फोड़, पुजारियों की गिरफ्तारी और महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों का जिक्र किया है। इस पत्र में हमने यह सवाल उठाया है कि क्या इस तरह के अत्याचारों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र का कोई कर्तव्य नहीं बनता।"

Author
05 Dec 2024
( Updated: 10 Dec 2025
11:40 PM )
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर कथावाचक देवकीनंदन ने गंभीर चिंता व्यक्त की

कथावाचक देवकीनंदन ने गुरुवार को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ को पत्र लिखा है । उन्होंने कहा है कि यूएन संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे।

आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैंने संयुक्त राष्ट्र को भेजे पत्र में बांग्लादेश में हो रहे हिंदू समुदाय के साथ अत्याचार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस पत्र में हमने हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा, लूटपाट, मंदिरों की तोड़फोड़, पुजारियों की गिरफ्तारी और महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों का जिक्र किया है। इस पत्र में हमने यह सवाल उठाया है कि क्या इस तरह के अत्याचारों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र का कोई कर्तव्य नहीं बनता। हमने यह भी कहा कि अगर बांग्लादेश सरकार हिंदू समुदाय को सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थ है, तो संयुक्त राष्ट्र को हस्तक्षेप कर बांग्लादेश का विभाजन करने और हिंदुओं के लिए एक हिंदू राष्ट्र की स्थापना करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।”


हिंदू समुदाय को एक सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान मिले : कथावाचक देवकीनंदन

उन्होंने कहा, “बांग्लादेश का निर्माण ही हिंदू समुदाय के महत्वपूर्ण योगदान के परिणामस्वरूप हुआ था, लिहाजा उनकी कुर्बानियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हम यह मांग करते हैं कि हिंदू समुदाय को एक सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान मिले, जहां वे अपनी संस्कृति, धर्म और परंपराओं के साथ सुरक्षित रह सकें।”

वहीं, असम में बीफ पाबंदी को लेकर भी उन्होंने राय रखी। कहा, “पूरे देश में गोमांस पर रोक लगनी चाहिए और गौ माता का सम्मान सभी जगह होना चाहिए। भारतीय समाज में, विशेष रूप से सनातन धर्म के अनुयायी, अपनी मां के मांस को न तो बेचते हैं, न खरीदते हैं और न ही खाते हैं, और यही सोच पूरे देश में अपनाई जानी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “हमने संयुक्त राष्ट्र से यह उम्मीद जताई है कि वे इस मुद्दे पर अपनी जिम्मेदारी निभाएं और हिंदू समुदाय को उचित सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।”

Input: IANS

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें