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'एक शब्द संस्कृत बोलकर दिखा दें...', रामभद्राचार्य ने प्रेमानंद महाराज को दी चुनौती, कहा- मेरे लिए वह बालक के समान, उन्हें चमत्कारी कहना अस्वीकार्य

अपने प्रवचनों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले मथुरा-वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को लेकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा है कि वह एक अक्षर संस्कृत बोलकर दिखा दें या फिर उनके द्वारा कहे गए श्लोकों का हिंदी में अर्थ समझा दें.

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24 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:14 AM )
'एक शब्द संस्कृत बोलकर दिखा दें...', रामभद्राचार्य ने प्रेमानंद महाराज को दी चुनौती, कहा- मेरे लिए वह बालक के समान, उन्हें चमत्कारी कहना अस्वीकार्य

वृन्दावन में संत प्रेमानंद महाराज के पास बड़े से बड़े सेलिब्रिटी आशीर्वाद लेने पहुंचे चुके हैं, जिनमें क्रिकेटर विराट कोहली जैसे नाम भी शामिल हैं. एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान रामभद्राचार्य ने विभिन्न मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी. इस दौरान उनसे प्रेमानंद महाराज के बारे में भी पूछा गया, जो कि अक्सर अपनी सादगी और भक्ति के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं. 

आजकल मूर्ख लोग धर्म का ज्ञान दे रहे हैं 

आपको बता दें कि संत प्रेमानंद महाराज जिनकी पिछले 19 सालों से दोनों किडनियां खराब हैं. इसके बावजूद वह हर दिन वृंदावन की परिक्रमा करते हैं. रामभद्राचार्य ने उनके बारे में कहा कि पहले विद्वान लोग ही कथावाचन किया करते थे, लेकिन आजकल मूर्ख लोग धर्म का ज्ञान दे रहे हैं. रामभद्राचार्य से जब प्रेमानंद महाराज के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके लिए वह बालक के समान है. 

इस दौरान चुनौती देते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, "चमत्कार अगर है तो मैं चैलेंज करता हूं मेरे सामने प्रेमानंद जी एक अक्षर संस्कृत बोलकर दिखा दें, या फिर मेरे कहे हुए संस्कृत श्लोकों का अर्थ समझा दें. उन्होंने यह भी कहा कि प्रेमानंद महाराज को लेकर उनके मन में कोई द्वेष नहीं है. लेकिन वह उन्हें न तो विद्वान मानते हैं, और न ही चमत्कारी पुरुष."

रामभद्राचार्य कहते हैं, "चमत्कार उसको कहते हैं, जो शास्त्रीय चर्चा पर सहज हो और श्लोकों का अर्थ ठीक से बता पाए, उन्होंने प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता को क्षणभंगुर बताते हुए कहा कि यह थोड़े समय के लिए होती है. और उन्हें उनका भजन करना अच्छा लगता है. लेकिन इसे चमत्कार कहना उन्हें स्वीकार नहीं है.

मुस्लिम युवक ने प्रेमानंद को किडनी देने का किया ऐलान 

नर्मदापुरम जिले के आरिफ खान चिश्ती ने विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज को अपनी किडनी दान करने का मन बनाया है और इसके लिए उन्होंने प्रेमानंद जी महाराज और जिला प्रशासन को एक पत्र भेजा है. वे चाहते हैं कि राष्ट्रीय एकता के लिए प्रवचन देने वाले प्रेमानंद जी की आयु लंबी हो, ताकि वे भारत को सच्चा भारत बनाए रखने में विशेष योगदान दे सकें.

जिले के इटारसी निवासी आरिफ खान एक छोटी-सी दुकान पर कूरियर का काम करते हैं, लेकिन उनकी सोच बहुत व्यापक है. वे देशभर में सभी धर्मों के बीच प्रेम और सौहार्द बनाए रखना चाहते हैं. यही कारण है कि प्रेमानंद जी महाराज से प्रभावित होकर आरिफ ने उन्हें अपनी किडनी दान करने का फैसला किया.

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