Advertisement

राजस्थान हाईकोर्ट का आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं को रोड से हटाने का निर्देश, बाधा डालने वाले पर होगी कानूनी कार्रवाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्यभर में आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं के बढ़ते खतरे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं. खबरों पर संज्ञान लेने के बाद, न्यायमित्र की रिपोर्ट पर सरकार को जवाब देने के लिए समय देते हुए जरूरी आदेश दिए गए.

Author
12 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:35 AM )
राजस्थान हाईकोर्ट का आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं को रोड से हटाने का निर्देश, बाधा डालने वाले पर होगी कानूनी कार्रवाई
Meta AI

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्यभर में आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं के बढ़ते खतरे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं. खबरों पर संज्ञान लेने के बाद, न्यायमित्र की रिपोर्ट पर सरकार को जवाब देने के लिए समय देते हुए जरूरी आदेश दिए गए. जस्टिस कुलदीप माथुर और जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच के सामने न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य, अधिवक्ता प्रियंका बोराना और अधिवक्ता हेली पाठक ने पक्ष रखा. मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी.

‘नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करें…’
न्यायमित्र ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना नगर निगमों, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य एजेंसियों का कानूनी दायित्व है. इसके बावजूद, अधिकारियों की लापरवाही के कारण आवारा पशुओं के हमले और काटने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे मानव जीवन को खतरा है और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच राज्य की छवि खराब हो रही है. एम्स जोधपुर ने 10 अगस्त को न्यायमित्र अधिवक्ता प्रियंका बोराना को पत्र भेजकर अपने परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या और मरीजों एवं स्टाफ पर हमलों की घटनाओं की जानकारी दी थी, जिसे कोर्ट ने संज्ञान में लिया.
सुनवाई के बाद राज्य सरकार और निकायों को समय देते हुए हाईकोर्ट ने जरूरी निर्देश जारी किए है. जिसमें डॉग शेल्टर और गौशालाओं की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट नगर निगमों को अगली सुनवाई तक पेश करनी होगी.

कोर्ट को पशु पकड़ने वाली टीम, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की जानकारी दी जाएगी.
विशेष अभियान: शहर की सड़कों से आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं को हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा.
अवरोध पर कार्रवाई: काम में बाधा डालने वालों पर संबंधित कानून के तहत एफआईआर दर्ज होगी.
शिकायत तंत्र: हर नगर निगम हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी करेगा.
फीडिंग केवल शेल्टर में: भोजन केवल निगम संचालित शेल्टर या गौशालाओं में ही दिया जा सकेगा.
संवेदनशील स्थानों पर प्राथमिकता: नगर निगम जोधपुर एम्स और जिला न्यायालय परिसर से तुरंत आवारा पशुओं को हटाए.
हाइवे पर गश्त: राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग प्राधिकरण हाइवे पर नियमित गश्त कर आवारा पशुओं को हटाए.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की समस्या को 'बेहद गंभीर' बताया है. कोर्ट ने दिल्ली सरकार और नगर निकायों को सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को जल्द से जल्द उठाने और शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया. अदालत ने इस अभियान में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी.

 

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें