रेप केस में प्रज्वल रेवन्ना दोषी करार, फैसला सुनते ही कोर्टरूम में फूट-फूटकर रोया पूर्व JDS सांसद

पूर्व हासन सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप के केस में कोर्ट ने दोषी ठहराया है. सजा का ऐलान अब 2 अगस्त को होगा. रेप का दोषी ठहराए जाने के बाद रेवन्ना कोर्ट में फूट-फूटकर रोने लगा. खास बात ये है कि यह फैसला FIR दर्ज होने के सिर्फ 14 महीने के अंदर आ गया.

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01 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:37 AM )
रेप केस में प्रज्वल रेवन्ना दोषी करार, फैसला सुनते ही कोर्टरूम में फूट-फूटकर रोया पूर्व JDS सांसद

पूर्व हासन सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप के केस में कोर्ट ने दोषी ठहराया है. सजा का ऐलान अब कोर्ट कल, यानी 2 अगस्त को करेगा. कोर्ट का फैसला सुनकर रेवन्ना बहुत भावुक हो गया और वहीं कोर्ट रूम में रोने लगा. यह फैसला बेंगलुरु की उस स्पेशल कोर्ट ने सुनाया है, जो चुने गए जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई करती है. रेप का दोषी ठहराए जाने के बाद रेवन्ना कोर्ट में फूट-फूटकर रोने लगा. फैसले के बाद जब वह कोर्ट से बाहर निकला, तब भी वह लगातार रोता रहा. खास बात ये है कि यह फैसला FIR दर्ज होने के सिर्फ 14 महीने के अंदर आ गया.

सबूत में पेश की गई साड़ी
प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ दर्ज रेप केस में एक अहम सबूत के तौर पर कोर्ट में एक साड़ी पेश की गई. आरोप है कि पूर्व सांसद ने घरेलू सहायिका के साथ एक नहीं, बल्कि दो बार रेप किया. पीड़िता ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया था और उसने वही साड़ी भी संभाल कर रखी थी, जिसे उसने उस वक्त पहना था. जांच के दौरान उस साड़ी पर स्पर्म के निशान मिले, जिससे केस और भी मजबूत हो गया. कोर्ट में इसी साड़ी को एक निर्णायक (crucial) सबूत के तौर पर पेश किया गया.प्रज्वल रेवन्ना पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और आईटी एक्ट की कई धाराओं के तहत आरोप तय किए गए थे. अब कोर्ट कल सजा की अवधि (quantum of sentence) का ऐलान करेगी.

123 सबूत जुटाए गए
प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ रेप का केस मैसूरु के केआर नगर की एक घरेलू सहायिका की शिकायत पर दर्ज किया गया था. FIR सीआईडी के साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुई थी. आरोप है कि पूर्व सांसद ने पीड़िता के साथ रेप किया और उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया. इस मामले की जांच सीआईडी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने की, जिसने करीब 2,000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में जमा की. जांच के दौरान टीम ने कुल 123 सबूत इकट्ठा किए.

सात महीनों में पूरा हुआ ट्ररायल 
इस केस की जांच सीआईडी इंस्पेक्टर शोभा और उनकी टीम ने लीड की थी. मामले की सुनवाई 31 दिसंबर 2024 को शुरू हुई थी. कोर्ट ने इस दौरान 23 गवाहों के बयान दर्ज किए. इसके अलावा अदालत ने वीडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल की जांच रिपोर्ट को भी ध्यान से देखा. ट्रायल सिर्फ 7 महीनों में पूरा हो गया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पेशल जज संतोष गजानन भट्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

क्या है पूरा मामला? 
रेवन्ना पिछले साल दर्ज किए गए चार आपराधिक मामलों में मुख्य आरोपी हैं. मामले में 2,000 से अधिक अश्लील वीडियो क्लिप, जिनमें कथित तौर पर कई महिलाओं के यौन शोषण को दर्शाया गया था. ये सारी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं. रेवन्ना के खिलाफ पहली शिकायत अप्रैल 2024 में एक महिला ने दर्ज कराई थी, जो उनके परिवार के फार्महाउस में घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती थी. महिला ने आरोप लगाया कि रेवन्ना ने 2021 से उसे कई बार रेप किया और अगर उसने किसी को बताया तो उसके साथ दुर्व्यवहार के वीडियो पब्लिक करने की धमकी दी. 
बता दें कि प्रज्वल रेवन्ना जनता दल (सेक्युलर) के नेता हैं और कर्नाटक के हासन लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद रह चुके हैं. वह पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते और कर्नाटक के पूर्व मंत्री एच.डी. रेवन्ना के बेटे हैं.

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