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पी. चिदंबरम को पाकिस्तान ने खुद ही दे दिया सबूत, ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों को माना अपना नागरिक

Operation Mahadev News: हमारे लोगों को मार दिया...पहलगाम के गुनहगारों का भारतीय सेना ने कुचला फन, फेक फुफकार मारने लगा सांप पाकिस्तान. जी हां! ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों से संबंध की बात मान ली है. पूरी ख़बर हैरान कर देगी.

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29 Jul 2025
( Updated: 06 Dec 2025
11:25 AM )
पी. चिदंबरम को पाकिस्तान ने खुद ही दे दिया सबूत, ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों को माना अपना नागरिक
Image: Indian Army and Operation Mahadev / X

पहलगाम हमले के करीब 96 दिनों बाद भारतीय सेना ने देशवासियों को सबसे बड़ी खुशखबरी दी है. करीब 2300 घंटे तक, चीनी सैटेलाइट फोन पर आतंकियों को लोकशन के सुराग मिलने के बाद चली करीब 14 दिनों की कड़ी खोज के बाद तंबू में सो रहे पाकिस्तानी आतंकियों को हमेशा के लिए सुला दिया गया. 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में 26 लोगों की धर्म पूछकर की गई नृशंस हत्या के मास्टरमाइंड TRF का लश्कर कमांडर हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान शाह को उसके साथियों सहित जहन्नुम भेज दिया गया. सुरक्षाबलों की आोर से ऑपरेशन महादेव को चिनार कॉर्प्स ने लीड किया.

आतंकियों का कुचला गया फन, बिलबिला गया पाकिस्तान

कहते है न कि सांप बिल में रहता है लेकिन कभी न कभी निकलता ही और तभी उसका फन कुचल दिया जाता है. कुछ ऐसा ही पाकिस्तानी आतंकियों के साथ हुआ. महीनों वो बिल में छिपा रहा और थक कर जैसे ही बाहर आया उसका खेल खत्म कर दिया गया. ऑपरेशन महादेव में 3 आतंकियों के खात्मे और जहन्नुम पहुंचाए जाने पर पाकिस्तान बुरी तरह बिलबिला गया है.

पाकिस्तान ने आतंकियों से माने संबंध! 

पाकिस्तान की सरकारी एजेंसियां एक तरफ तो इन आतंकियों को 'निर्दोष' और 'मासूम पाकिस्तानी' बता रही हैं वहीं इन्हें डिटेन करने के झूठे आरोप लगा रही है. आतंकिस्तान शायद ये बात अपने बारे में बता रहा है. फर्जी तरीके से उठाने, छिपाने, किडनैप करने और मारने का इतिहास और तरीका पाकिस्तानी एजेंसियों, ISI, Army और पुलिस का रहा है न कि भारतीय सेना का. पाकिस्तान जब ये आरोप लगाता है तो भूल जाता है कि भारत एक संवैधानिक कानून से चलने वाला देश है, वहीं पाकिस्तानी सेना उस बेलगाम एजेंसी की तरह है जो लंबे समय से आतंकियों को पाल रही है, पैदा कर रही है और उसकी पुस्तपनाही कर रही है. इस्लामाबाद इन्हें समय-समय पर भारत में आतंकी हमले, घुसपैठ, और कश्मीर में माहौल खराब करने के लिए इस्तेमाल कर रही है.

पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का नया पैंतरा

पाकिस्तान एक बार फिर अपनी पुरानी चालों पर उतर आया है. भारत द्वारा चलाए गए सफल ऑपरेशन महादेव, जिसमें पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा समेत तीन आतंकियों को ढेर किया गया, उस पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं वो भी पाकिस्तान के अंग्रेजी अख़बार ‘डॉन’ के जरिए. 

डॉन ने अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि भारत इस ऑपरेशन की आड़ में फेक एनकाउंटर कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय एजेंसियां कथित रूप से कुछ निर्दोष पाकिस्तानियों को, जिन्हें उन्होंने कथित तौर पर जबरन हिरासत में लिया है, अब स्टेज्ड एनकाउंटर में दिखाकर सीमा पार से आए आतंकी बता रही हैं. यानी जो देश खुद आतंकियों की फैक्ट्री चलाता है, वो अब भारत की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को भी झूठा ठहराने में जुट गया है.

आतंकी इतने ही मासूम थे तो हथियारों के साथ क्या कर रहे थे?

पाकिस्तान ने बड़ी चालाकी से इस सवाल के जावब देने से इनकार कर रहा है कि अगर ये आतंकी इतने मासूम थे तो इनके पास से हथियार और गाला-बारूद कैसे बरामद हुए. अखबार ने ये भी नहीं बताया कि अगर ये पाकिस्तानी नागरिक कश्मीर की जंगलों में सैटेलाइट फोन और हथियारों के जखीरे के साथ क्या कर रहा था. बीते दिन चले ऑपरेशन महादेव में सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर साइट से क एम4 कार्बाइन राइफल, दो एके राइफल और अन्य हथियार बरामद किए हैं. 

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद चौधरी शरीफ ने दावा किया है कि 723 पाकिस्तानी नागरिक भारत के जेलों में बंद हैं. लेकिन पाकिस्तानी सेना ने यह नहीं बताया कि ये 723 पाकिस्तानी नागरिक बॉर्डर पार कर भारत की सीमा में कैसे पहुंचे. डॉन ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि डिटेन किए गए इन लोगों को पाकिस्तान के खिलाफ बयान देने पर मजबूर किया जा सकता है.

‘डॉन’ अख़बार ने एक बार फिर वही किया, जो वो अक्सर करता है. पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की तरफ़ से झूठ को सच बनाने की कोशिश. लेकिन हास्यास्पद बात ये है कि डॉन की रिपोर्ट में कहीं ये ज़िक्र नहीं है कि एक पाकिस्तानी नागरिक कश्मीर के जंगलों में एम4 कार्बाइन राइफल, दो एके-47 और सैटेलाइट फोन लेकर क्या कर रहा था? पिकनिक मनाने आया था या वुडलैंड वारफेयर खेलने? सेना ने मुठभेड़ स्थल से जो हथियार बरामद किए हैं, वे कोई खिलौने नहीं बल्कि पाकिस्तान की दशकों से जारी छद्म युद्ध नीति के पक्के सबूत हैं.

पाकिस्तानी भारत के जेल में बंद तो आए कैसे?

अब ज़रा पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद चौधरी शरीफ के बयान पर गौर कीजिए. उन्होंने दावा किया था कि 723 पाकिस्तानी नागरिक भारत की जेलों में बंद हैं. लेकिन ये ग्लोबल डेजिग्नेटेड टेररिस्ट के बेटे और DG ISPR के बेटे ने ये नहीं बताया कि ये अगर ये इतने ही मासूम हैं और पाकिस्तानी हैं तो बॉर्डर पार कर भारत में पहुंचे कैसे? अगर पहुंच भी गए तो क्या इनकी आरती उतारनी थी क्या? क्या ये पासपोर्ट-विजा लेकर आए थे या AK-47 के सहारे ‘टूरिस्ट वीज़ा’ मिला था?

डॉन की रिपोर्ट में आगे यह भी दावा किया गया है कि भारतीय एजेंसियां इन डिटेन लोगों को पाकिस्तान के खिलाफ बयान देने पर मजबूर कर सकती हैं. यानी पकड़े भी गए, हथियार भी मिले, बॉर्डर भी क्रॉस किया, लेकिन फिर भी बेचारे निर्दोष!

पाकिस्तानी मीडिया का प्रोपेगेंडा कैंपेन शुरू

पाकिस्तान की मीडिया एक बार फिर साबित कर रही है कि जब सच्चाई सामने आ जाए तो दूसरी कहानी परोस दो, झूठ को इतनी बार बोलो कि वो सच लगने लगे. उदाहरण के लिए देखें तो पाकिस्तान के सबसे बड़े मीडिया नेटवर्क जिओ न्यूज ने तो हद ही कर दी. लिबरल माने जाने वाले इस चैनल ने पाक आर्मी को खुश करने के लिए फेक दावों की बौछार कर दी. जिओ ने अपने बचकाने दावे में कहा कि भारत ने अपनी एनकाउंटर की थ्योरी को सच साबित करने के लिए आतंकियों की तस्वीरें और हथियार पहले ही जारी कर दिए थे. पाकिस्तानी मूर्खों को कौन बताए कि स्केच जारी करने का मकसद होता है कि अगर किसी के पास कोई इनपुट हो, इनफो हो तो शेयर करे या खुद बाहर आकर अपील करे. 

अरे भई, जब भारतीय सेना की तरह कोई जिम्मेदार सेना अगर मुठभेड़ करती है तो सबूत पेश करना उसका दायित्व होता है. ये कोई पाकिस्तानी सिनेमा की स्क्रिप्ट नहीं चल रही मुठभेड़ पहले हो और स्केच बाद में जारी किए जाएं.

इसी रिपोर्ट में दावा किया गया कि ISPR (पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग) ने कहा है कि भारत ने 56 पाकिस्तानियों को हिरासत में लिया है. लेकिन वही पुराना सवाल उठता है कि ये 56 'पाकिस्तानी' भारत में आए कैसे? ट्रेन से, ट्रैक्टर से या फिर उसकी राष्ट्रीय बाइक होंडा सीडी 70 (Honda CD70) से.

एक और 365 प्लस नाम के एक और पाकिस्तानी न्यूज चैनल ने दावा किया है कि भारत ने ऑपरेशन महादेव के नाम पर इन 'मासूम' हिरासत में लिए गए पाकिस्तानियों का एनकाउंटर में इस्तेमाल किया है और भारत इसे सैन्य सफलता के रूप में दिखा रहा है.

इन्ही पाकिस्तानियों को ये बता दें कि जिन्हें ये मासूम बता रहे हैं वो हाशिम मूसा, लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी है और वो पाकिस्तानी सेना की एलिट यूनिट स्पेशल सर्विस ग्रुप का पूर्व कमांडो है. मूसा उर्फ सुलेमान शाह ने सितंबर 2023 में भारत में घुसपैठ की और दक्षिण कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा. इस ऑपरेशन में दो और आतंकी भी मारे गए हैं.

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