Advertisement

क्या प्रधानमंत्री पर हमले के लिए उकसा रहे Rahul Gandhi, क्यों फूटा पत्रकारों का गुस्सा

जिस राहुल गांधी ने खुद अपने पिता राजीव गांधी ।अपनी दादी इंदिरा गांधी को बम धमाकों में खो दिया हो। वही राहुल गांधी आज पीएम मोदी की गाड़ी पर चप्पल पड़ने के बाद कह रहे हैं कि वाराणसी में किसी ने पीएम को चप्पल मार दी, अब आप सोचिये चुनाव से पहले अगर कोई मारना भी चाहता था तो डरता था। तो वो जो डर था खत्म हो गया, उनके इस बयान पर देश के पत्रकारों का फूटा गुस्सा, लगा दी तगड़ी क्लास ।

क्या  प्रधानमंत्री पर हमले के लिए उकसा रहे Rahul Gandhi, क्यों फूटा पत्रकारों का गुस्सा
Rahul Gandhi : इस देश ने आतंकी हमले में इंदिरा गांधी। राजीव गांधी जैसे प्रधानमंत्रियों को खोया है। दोनों ही प्रधानमंत्रियों का गांधी परिवार से रिश्ता रहा है। दोनों ही प्रधानमंत्रियों की शहादत के नाम पर आज भी गांधी परिवार चुनावों में वोट मांगता है। लेकिन इसके बावजूद हैरानी की बात तो ये है कि इसी गांधी परिवार से आने वाले Rahul Gandhi खुलेआम कह रहे हैं आपने देखा वाराणसी में किसी ने पीएम को चप्पल मार दी, अब आप सोचिये चुनाव से पहले अगर कोई मारना भी चाहता था तो डरता था। तो वो जो डर था खत्म हो गया। 



जिस राहुल गांधी ने खुद अपने पिता राजीव गांधी। अपनी दादी इंदिरा गांधी को बम धमाकों में खो दिया हो।वही राहुल गांधी आज पीएम मोदी की गाड़ी पर चप्पल पड़ने के बाद कह रहे हैं कि वाराणसी में किसी ने पीएम को चप्पल मार दी, अब आप सोचिये चुनाव से पहले अगर कोई मारना भी चाहता था तो डरता था तो वो जो डर था खत्म हो गया ।देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस तरह का बयान देने के बाद अब राहुल गांधी की खूब फजीहत हो रही है। देश के तमाम पत्रकार इस बयान की वजह से राहुल गांधी की खूब क्लास लगा रहे हैं। 


पत्रकार रोमाना इसार खान राहुल गांधी को लताड़ लगाते हुए लिखा। "चुनाव से पहले अगर कोई उन्हें मारना चाहता था तो डर रहता था, अब वह डर खत्म हो गया है, राहुल गांधी का ये बयान देख कर मुझे वाकई हैरानी हुई, वो गांधी परिवार जो इस बार के चुनाव प्रचार में भी अपने परिवार की शहादत याद कर रहे थे, वो देश के प्रधान मंत्री के लिए ऐसा बोल रहे हैं"


दैनिक जागरण के पत्रकार राजीव सचान ने भी राहुल गांधी के बयान को बेहूदा बताते हुए कहा कि। "मोदी पर चप्पल फेंकने की घटना को अपनी जीत मान रहे राहुल गांधी क्या यह कहना चाहते हैं कि इंदिरा और राजीव गांधी इसलिए मारे गए कि लोगों ने उनसे डरना छोड़ दिया था?"


एक और पत्रकार अमन चोपड़ा ने लिखा। " ये 99 का अहंकार है जो राहुल गांधी को देश के प्रधानमंत्री पर चप्पल फेंकने वाले के साथ खड़ा कर रहा है, ‘दरबारी’ इस बयान को भी सही साबित कर देंगे"


पत्रकार रंजन कुमार झा ने राहुल के बयान पर लिखा।" राहुल गांधी ऐसे तत्वों को प्रोत्साहित कर रहे हैं जो नेताओं पर हमले करते हैं, कह रहे हैं डर खत्म हो चुका है"


देश के प्रधानमंत्री की गाड़ी पर जूते फेंके जाते हैं ।उनकी सुरक्षा में चूक होती है ।और राहुल गांधी बयान देते हैं कि। चुनाव से पहले अगर कोई मारना भी चाहता था तो डरता था । तो वो जो डर था वो खत्म हो गया। उनके इसी बयानों को लेकर देश के पत्रकारों ने उन्हें कुछ इसी तरह से लताड़ लगाई है। क्योंकि खुद बम धमाके में अपनी दादी और पिता को खोने वाले राहुल गांधी को कम से कम इस तरह के बयान नहीं देना चाहिए था। और इस बात का अहसास शायद राहुल गांधी को भी कुछ ही देर बाद हो गया था।  शायद इसी वजह से राहुल गांधी ने एक ट्वीट में लिखा।

"एक और महत्वपूर्ण बात जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहनी रह गई, नरेंद्र मोदी और उनके काफिले पर चप्पल फेंका जाना बहुत ही निंदनीय है और उनकी सुरक्षा में गंभीर चूक है, सरकार की नीतियों पर अपना विरोध गांधीवादी तरीके से दर्ज कराया जाना चाहिए, लोकतंत्र में हिंसा और नफ़रत की कोई जगह नहीं है"

कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी से अध्यक्ष रह चुके राहुल गांधी ने पहले तो पीएम मोदी के काफिले पर पड़े जूते का मजाक उड़ाया। और फिर जब अपनी गलती का अहसास हुआ तो सफाई देते हुए कहने लगे।काशी में हुई घटना की निंदा करने लगे। 
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें