पहले 'स्पेस डे' पर PM मोदी ने देशवासियों को बधाई देते हुए जारी किया वीडियो

अंतरिक्ष दिवस: भारत आज अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मना रहा है। इस मौकेपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएँ भी दी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अपने एक्स एकाउंनट पर बकायदे वीडियो भी जारी किया है।

पहले 'स्पेस डे' पर PM मोदी ने देशवासियों को बधाई देते हुए जारी किया वीडियो
भारत आज अपना पहला राष्ट्रीय 'अंतरिक्ष दिवस मना रहा है । इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी है। इसके साथ ही PM मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स एकाउंट पर वीडियो जारी करते हुए भारत के वैज्ञानिकों के सफल प्रयास को लेकर उनका हौसला भी बढ़ाया है। चंद्रयान-3 मिशन के विक्रम लैंडर ने पिछले वर्ष आज के ही दिन यानी 23 अगस्त को वैज्ञानिको की कड़ी मेहनत के बाद चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों के उत्साह बढ़ाने के लिए इस दिन को 'नेशनल स्पेस डे' के तौर पर मनाने की घोषणा किया था। 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट जारी करते हुए लिखा कि "प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर सभी को बधाई। हम अंतरिक्ष क्षेत्र में अपने देश की उपलब्धियों को बड़े गर्व के साथ याद करते हैं। यह हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करने का भी दिन है। हमारी सरकार ने इस क्षेत्र से संबंधित कई भविष्योन्मुखी निर्णय लिए हैं और आने वाले समय में हम और भी निर्णय लेंगे।" इसके साथ ने PM मोदी ने एक वीडियो भी जारी किया है। जिसमें विक्रम लैंडर चांद की सतह पर लैंड करता दिखाई दे रहा है। 


क्यों मनाया जा रहा है 'नेशनल सपस डे'  

आपको बता दें की नेशनल स्पेस डे का एलान स्पेस सेक्टर में भारत के बढ़ते क़दम और वैज्ञानिकों की सफल प्रयासों को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। पिछले साल आज के ही दिन चंद्रयान-3 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग हुई थी और जिस जगह पर विक्रम लैंडर ने लैंड किया था उस जगह का नाम 'शिव शक्ति प्वाइंट' रखा गया था। वैज्ञानिकों ने विक्रम लैंडर की सॉफ़्ट लैंडिंग के बाद चांद की सतह पर प्रज्ञान रोवर ने बक़ायदा भ्रमण भी किया था। इसके साथ ही चांद की सतह पर उतरने वाला भारत दुनिया का चौथा और दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बना था। जिसके बाद देशभर में लोगों ने वैज्ञानिकों के सफल पप्रयास और उनकी मेहनत की सराहना की थी। 

ग़ौरतलब है कि राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 'नेशनल स्पेस डे'के मौक़े पर एक समारोह का आयोजन भी किया गया है। जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य समारोह का उद्घाटन किया। बताते चले कि ISRO प्रमुख के मुताबिक़ चंद्रयान-3 की सफलता के बाद चंद्रयान-4 और 5 भी आएँगे। इसके साथ ही गगनयान मिशन के ज़रिए 2025 में भारतीय वैज्ञानिकों को स्पेस में भेजने की भी तैयारी की जा रही है। 

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