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तेल, ट्रेन और भयंकर आग... तमिलनाडु के थिरुवल्लूर में हुआ खौफनाक हादसा, राहत-बचाव कार्य जारी

चेन्नई पोर्ट से डीजल लेकर निकली एक मालगाड़ी थिरुवल्लूर के पास हादसे का शिकार हो गई. ट्रेन के चार डिब्बे पटरी से उतरने के बाद उनमें आग लग गई. हादसे के बाद चेन्नई-अरक्कोनम रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है. प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है क्योंकि डिब्बों में डीजल मौजूद है. रेलवे पुलिस हादसे की जांच में जुटी है और कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं.

तेल, ट्रेन और भयंकर आग... तमिलनाडु के थिरुवल्लूर में हुआ खौफनाक हादसा, राहत-बचाव कार्य जारी

चेन्नई पोर्ट से डीजल लेकर निकली एक मालगाड़ी रविवार को तमिलनाडु के थिरुवल्लूर जिले के पास हादसे का शिकार हो गई. हादसे की गंभीरता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि ट्रेन के चार डिब्बे पटरी से उतर गए और तभी उनमें भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि चारों डिब्बे पूरी तरह जलकर खाक होने लगे. आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन को तुरंत सतर्क किया गया. घटनास्थल पर दमकल विभाग और रेलवे की विशेष बचाव टीमों को भेजा गया. आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं. राहत की बात यह है कि इस हादसे में अब तक किसी जनहानि की कोई पुष्टि नहीं हुई है.

आग की वजह से चेन्नई-अरक्कोनम रेलखंड पर रोकी गई ट्रेनों की आवाजाही
रेलवे अधिकारियों के अनुसार मालगाड़ी में कुल 52 डिब्बे थे, जिनमें से 4 डिब्बे डीजल से भरे हुए थे और वही आग की चपेट में आ गए. बाकी के 48 डिब्बों को तेजी से अलग किया गया ताकि आग फैलने से रोका जा सके. इस दुर्घटना के कारण चेन्नई-अरक्कोनम रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है. रेलवे और फायर डिपार्टमेंट की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है और हर स्तर पर सुरक्षा के इंतज़ाम किए गए हैं. रेल मार्ग पर आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी टीम भी मौके पर पहुंच गई है.

प्रशासन ने लोगों से की अपील
हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल के पास न जाएं. ट्रेन में डीजल जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ की मौजूदगी से किसी भी समय बड़ा धमाका हो सकता था. आग लगने का प्राथमिक कारण मालगाड़ी के डिब्बों का पटरी से उतरना बताया गया है. इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता आग पर काबू पाना और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

जिलाधिकारी की पुष्टि
थिरुवल्लूर के जिलाधिकारी प्रताप ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रभावित क्षेत्र के आसपास के रिहायशी इलाकों से लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है. इसके अलावा इलाके में रखे गए एलपीजी सिलेंडरों को भी एहतियातन वहां से हटा दिया गया है ताकि किसी भी तरह के संभावित विस्फोट से बचा जा सके. फायर एंड रेस्क्यू टीम फोम से लैस विशेष वाहनों के जरिए आग बुझाने की पूरी कोशिश कर रही है. हादसे की पूरी घटना पर उच्च स्तर से निगरानी की जा रही है.

साउदर्न रेलवे ने जारी की सूचना
इस हादसे की वजह से चेन्नई रूट की कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं. साउदर्न रेलवे की ओर से ट्विटर पर जानकारी साझा की गई है कि हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई बंद कर दी गई है. इससे कुछ ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है और कुछ को रोक दिया गया है. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें.

हादसे की जांच शुरू
रेलवे पुलिस ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल यह स्पष्ट है कि आग ट्रेन के पटरी से उतरने के बाद लगी. लेकिन क्या यह पूरी तरह तकनीकी चूक थी, या फिर किसी अन्य कारण से दुर्घटना हुई, इसकी गहराई से जांच की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं और घटनास्थल से साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं. इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम जांच में जुटी हुई है.

बताते चलें कि थिरुवल्लूर में हुई इस रेल दुर्घटना में समय रहते की गई प्रशासनिक सतर्कता ने एक बड़ी जनहानि को टाल दिया. हालांकि, आग की भयावहता और ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी ने रेलवे के सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. राहत-बचाव कार्य अब भी जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही आग पूरी तरह बुझा ली जाएगी.

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