रेलवे की नई क्रांति, पटरियों पर लगे सोलर पैनल, ट्रेन दौड़ेगी बिजली बनेगी!

देश सौर ऊर्जा की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है…इसी कड़ी में Varanasi के बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में रेल पटरियों के बीच Solar Panel लगाकर बिजली निर्माण किया जा रहा है…Railway का यह कदम बिजली की बचत तो करेगा ही…साथ ही उर्जा की लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा.

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23 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:19 AM )
रेलवे की नई क्रांति, पटरियों पर लगे सोलर पैनल, ट्रेन दौड़ेगी बिजली बनेगी!

ट्रैक पर दौड़ती ट्रेन और साथ में लगे ये सोलर पैनल…आत्मनिर्भर भारत की एक और तस्वीर पेश कर रहे हैं…जहां ट्रैक पर ट्रेन तो दौड़ ही रही है साथ में बिजली भी बन रही है…रेलवे में सौर उर्जा को शामिल करने के लिए ये क्रांतिकारी पहल PM मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में की गई है…जो रेल ट्रांसपोर्ट में मील का पत्थर साबित हो रहा है…

देश सौर ऊर्जा की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है…इसी कड़ी में वाराणसी के बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में रेल पटरियों के बीच सोलर पैनल लगाकर बिजली निर्माण किया जा रहा है…रेलवे का यह कदम बिजली की बचत तो करेगा ही…साथ ही उर्जा की लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा…यह पहल भारतीय रेलवे को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई पर ले जाएगी…

देश में इस तरह का ये पहला प्रोजेक्ट है…इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत लगभग 70 मीटर लंबाई में 28 सोलर पैनल पटरियों के बीच लगाए गए हैं…इनसे हर दिन 70 से 80 यूनिट बिजली बन रही है…बरेका के PRO राजेश कुमार का कहना है ये प्रोजेक्ट से एक पंथ दो काज के समान है…यहां बिजली बनाने के लिए अतिरिक्त ज़मीन का अधिग्रहण भी नहीं किया जा रहा और साथ ही हरित क्रांति की ओर भी ये बड़ा कदम है…

हालांकि राजेश कुमार ने इस प्रोजेक्ट की चुनौतियों को भी स्वीकार किया है…उनका कहना है इस तरह के प्रोजेक्ट में कुछ चुनौतियां ज़रूर हैं जिन पर अध्ययन किया जा रहा है लेकिन उन चुनौतियों को पार करते हुए अभी तक के परिणाम सार्थक रहे हैं…

दरअसल, रेलवे ने ये कदम पारंपरिक उर्जा के साधनों पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए उठाया है…और फ़ोकस रिन्यूएबल एनर्जी पर है…ट्रैक पर बिछे ये सोलर पैनल रेलवे की इसी कोशिश का उदाहरण है…सोलर पैनल से बन रही बिजली का इस्तेमाल अभी कारख़ाने की ज़रूरत को पूरा करने के लिए किया जा रहा है…भारतीय रेलवे की ये पहल न केवल बिजली बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कारगर होंगी, बल्कि आने वाले समय में ग्रीन रेलवे के लक्ष्य को साकार भी करेगी…और बनारस से इसकी शुरूआत हो चुकी है.

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