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करीब 6 फीट कद, चीते सी चाल, बाज की नजर...PM मोदी की सुरक्षा में तैनात हुई पहली महिला SPG कमांडो अदासो कपेसा आखिर है कौन?

पीएम मोदी की एक तस्वीर में एक महिला अफसर को देखा गया है. जैसे ही ये वायरल हुआ लोगों के बीच ये महिला चर्चा का विषय बन गई कि आखिर कौन है ये महिला अफसर. इस रिपोर्ट में जानिए कि कौन है ये महिला अफसर अदासो कपेसा

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08 Aug 2025
( Updated: 06 Dec 2025
04:27 AM )
करीब 6 फीट कद, चीते सी चाल, बाज की नजर...PM मोदी की सुरक्षा में तैनात हुई पहली महिला SPG कमांडो अदासो कपेसा आखिर है कौन?
Adaso Kapesa/PM Modi

हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी की एक फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसमें उनके सुरक्षा घेरे में पहली बार एक महिला अफसर नज़र आ रही हैं. ये महिला अफसर हैं अदासो कपेसा (Adaso Kapesa), जो अब स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की उस टीम का हिस्सा हैं, जो प्रधानमंत्री की सबसे नजदीकी सुरक्षा करती है. मणिपुर के एक छोटे से गांव से निकलकर SPG जैसी प्रतिष्ठित फोर्स में जगह बनाना, उनके साहस और मेहनत का बड़ा उदाहरण है.

मणिपुर के छोटे गांव से शुरू हुआ कपेसा का सफर 
अदासो कपेसा मणिपुर के सेनापति ज़िले के कैबी गांव की रहने वाली हैं. साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी नज़र से ओझल नहीं होने दिया. परिवार और समाज के सहयोग से उन्होंने अपना सफर शुरू किया और धीरे-धीरे अपने सपनों को हकीकत में बदल दिया.

पिथौरागढ़ में थी तैनात
एसपीजी में शामिल होने से पहले अदासो कपेसा सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 55वीं बटालियन में पिथौरागढ़ में इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) के पद पर कार्यरत थीं. वहां भी उन्होंने अपने कार्य से उच्च स्तर की प्रतिबद्धता और अनुशासन का परिचय दिया, जिससे उनकी पहचान एक सशक्त महिला अधिकारी के रूप में बनी.

एसपीजी में सिलेक्शन कैसे हुआ?
एसपीजी यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप में चयन भारत के सबसे मुश्किल सिलेक्शन प्रोसेस में से एक है. अदासो को डेप्युटेशन पर एसपीजी भेजा गया, जहां उन्होंने बेहद सख्त कमांडो ट्रेनिंग ली. ट्रेनिंग के दौरान उनका प्रदर्शन इतना बेहतरीन रहा कि उन्हें प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी टीम में शामिल कर लिया गया.

महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं अदासो कपेसा
अदासो कपेसा अब प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात होने वाली पहली महिला अफसर बन गई हैं. यह उपलब्धि सिर्फ मणिपुर या उनके गांव की नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटियों के लिए प्रेरणा है. उन्होंने यह साबित कर दिया कि लगन, साहस और मेहनत से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है. उनकी कहानी सिर्फ एक महिला अधिकारी की नहीं, बल्कि इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकता है.

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